सेंसेक्स से हवाई किराये तक
Author : संपादकीय Published by : Pritish Sahay Updated At : 16 Mar 2026 6:20 AM
पश्चिम एशिया संकट का असर, फोटो- पीटीआई
पश्चिम एशिया के संकट का असर देश में शेयर बाजार से लेकर हवाई किराये तक पर गहराई से महसूस किया जा रहा है. फिलहाल जो स्थिति है, उससे लगता नहीं कि तस्वीर जल्दी बदलने वाली है.
पश्चिम एशिया के संकट का असर देश में शेयर बाजार से लेकर हवाई किराये तक पर गहराई से महसूस किया जा रहा है. शेयर बाजार के लिए 2026 अब तक भारी गिरावट वाला साल साबित हुआ है. बीते सप्ताह बीएसइ के 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 4,354.98 अंक या 5.51 प्रतिशत नीचे आ गया. जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 1299.35 अंक या 5.31 फीसदी नीचे आ गया. निफ्टी में लगभग 1,300 अंकों की भारी गिरावट बताती है कि यह तेजी का दौर नहीं है. निफ्टी का यह पिछले चार साल में बाजार का सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन है. इससे पहले जून, 2022 में निफ्टी में एक सप्ताह के दौरान पांच प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आयी थी.
शेयर बाजार में गिरावट की बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष और विश्व बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि है. इससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है और बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है. इसके अलावा कॉरपोरेट नतीजों की सुस्ती, वैश्विक व्यापार का तनाव और एआइ सेक्टर में सीमित हिस्सेदारी भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह शेयर बाजार थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति, व्यापार संतुलन के आंकड़े और विदेशी मुद्रा भंडार जैसे प्रमुख व्यापक आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगा.
भू-राजनीतिक तनावों से देश में हवाई किराये में भी वृद्घि हुई है. बढ़ती तेल कीमतों के बीच एयर इंडिया और इंडिगो के बाद अकासा एयर ने भी फ्लाइट टिकट पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है, जो 199 रुपये से 1,300 रुपये के बीच होगा. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागू होने वाला यह सरचार्ज फ्लाइट की दूरी तथा समय के हिसाब से अलग-अलग होगा. दरअसल पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों की वजह से एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल) की कीमत में तेज वृद्धि हुई है.
तेल मार्केटिंग कंपनियों ने एटीएफ के दाम 5,500 रुपये तक बढ़ा दिये हैं, इसलिए एयरलाइन कंपनियों ने फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है. ईंधन की कीमतों में वृद्धि के पीछे तेल कंपनियों ने पश्चिम एशिया में तेल आपूर्ति में आये बड़े व्यवधान को कारण बताया है. एटीएफ एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40 फीसदी होता है. दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों में एटीएफ पर उच्च उत्पाद शुल्क और वैट के कारण यह दबाव और बढ़ गया है, जिससे एयरलाइन की ऑपरेटिंग इकोनॉमी पर काफी दबाव पड़ रहा है.
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