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लुग्दी साहित्य को लेकर बदले सोच

लोकप्रिय कला और साहित्य रूप जनसमाज की पैदाइश हैं, आधुनिक उद्योग आधारित संस्कृति आने के पहले हम इस प्रकार के साहित्य रूप की कल्पना नहीं कर सकते. दोहराव और लगातार दोहराव इसका गुण है. इसके जरिये ही यह अपने आपको प्रतिष्ठित करता है. इसी कारण इसमें फार्मूलाबद्धता का प्रवेश होता है.

By सुधा सिंह
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लुग्दी साहित्य को लेकर बदले सोच
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