और नहीं, बस और नहीं!

Published at :20 Mar 2014 5:51 AM (IST)
विज्ञापन
और नहीं, बस और नहीं!

पिछले दिनों खबर आयी कि एक महिला ने अपनी पांच साल की बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति को रॉड से पीट कर मार डाला. हम जानते हैं कि आत्मरक्षा के लिए की गयी हत्या कानून की निगाह में जुर्म नहीं है. जाहिर सी बात है कि पांच साल की बच्ची आत्मरक्षा नहीं कर […]

विज्ञापन

पिछले दिनों खबर आयी कि एक महिला ने अपनी पांच साल की बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति को रॉड से पीट कर मार डाला. हम जानते हैं कि आत्मरक्षा के लिए की गयी हत्या कानून की निगाह में जुर्म नहीं है. जाहिर सी बात है कि पांच साल की बच्ची आत्मरक्षा नहीं कर सकती है. अत: उसकी मां ने जो किया वह अपने ही जिस्म के अंश की रक्षा के लिए किया. इसलिए वह आत्मरक्षा है, गुनाह बिलकुल नहीं.

मैं कानून की विशेषज्ञ नहीं हूं, लेकिन ऐसी साहसी महिलाओं की रक्षा कर पाने के लिए अगर कानून की किताब में कोई प्रावधान नहीं है, तो यह खामी है और इसमें संशोधन होना चाहिए. न्यायपालिका से अनुरोध है कि इस महिला को अविलंब जेल से निकाला जाये और महिला स्वयंसेवी संस्थाओं से आग्रह है कि इस महिला को भारतीय नारियों का आदर्श मान कर पुरस्कृत किया जाये.

डॉ उषा किरण, रांची

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola