रिम्स में इलाज

Updated at : 09 Feb 2017 6:40 AM (IST)
विज्ञापन
रिम्स में इलाज

अखबार से ज्ञात हुआ कि सिमडेगा जिले के राजू मेहर अपने बेटे को इलाज कराने के लिए रिम्स में भर्ती किया था. मगर डॉक्टरों से इलाज करने से इनकार कर दिया. डॉक्टरों का कहना था कि सांस के रोगों का इलाज यहां नहीं होता है. बच्चा वापस सदर अस्पताल सिमडेगा लाया गया, जहां वह दम […]

विज्ञापन
अखबार से ज्ञात हुआ कि सिमडेगा जिले के राजू मेहर अपने बेटे को इलाज कराने के लिए रिम्स में भर्ती किया था. मगर डॉक्टरों से इलाज करने से इनकार कर दिया. डॉक्टरों का कहना था कि सांस के रोगों का इलाज यहां नहीं होता है. बच्चा वापस सदर अस्पताल सिमडेगा लाया गया, जहां वह दम तोड़ दिया. रिम्स ने पूरे झारखंड को शर्म से झुका दिया.
लाखों वेतन पानेवाले डॉक्टर और अरबों खर्च करने वाला रिम्स एक बच्चे की सांस का इलाज नहीं कर सकता है, इससे शर्म की बात और क्या हो सकती है. न यहां टीबी, कैंसर का इलाज होता है, और न एड्स का. क्या यहां सिर्फ शव का पोस्टमार्टम होता है? हमेशा रिम्स में हड़ताल और मारपीट ही हेाता है. सरकार को रिम्स पर ध्यान देने की जरूरत है.
सुशील बरला, खलारी
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola