सरायकेला मंडल कारा में स्वास्थ्य सुविधाओं की पड़ताल, सीएस और डीएलएसए सचिव का संयुक्त निरीक्षण

Updated at : 02 Apr 2026 7:42 PM (IST)
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Seraikela News

सरायकेला के मंडल कारा का दौरा करते सिविल सर्जन. फोटो: प्रभात खबर

Seraikela News: सरायकेला मंडल कारा में सिविल सर्जन और डीएलएसए सचिव ने संयुक्त निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया. दवाएं उपलब्ध मिलीं, लेकिन उपकरणों की कमी सामने आई. प्रशासन ने जल्द उपकरण उपलब्ध कराने और अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती का आश्वासन दिया, जिससे कैदियों को बेहतर इलाज मिल सके. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट

Seraikela News: सरायकेला-खरसावां स्थित मंडल कारा में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेने के लिए सिविल सर्जन डॉ सरयू प्रसाद सिंह और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के सचिव तौसीफ मेराज ने संयुक्त निरीक्षण किया. इस निरीक्षण का उद्देश्य जेल में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझना और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना था.

ओपीडी और औषधालय का किया गया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान टीम ने जेल परिसर स्थित ओपीडी सह औषधालय और अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया. वहां मौजूद स्टाफ से दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी ली गई. इस दौरान यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि कैदियों को समय पर इलाज मिल रहा है या नहीं.

कैदियों से सीधा संवाद, सामने आईं समस्याएं

निरीक्षण दल ने जेल के विभिन्न वार्डों का दौरा कर कैदियों से सीधे बातचीत की. इस दौरान कैदियों से उनके स्वास्थ्य, दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति के बारे में जानकारी ली गई. कुछ कैदियों ने डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति को लेकर असंतोष जताया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता स्पष्ट हुई.

दवाएं उपलब्ध, लेकिन उपकरणों की कमी उजागर

निरीक्षण में पाया गया कि जेल में आवश्यक दवाएं तो उपलब्ध हैं, लेकिन कई जरूरी चिकित्सा उपकरणों की कमी है. यह स्थिति कैदियों के बेहतर इलाज में बाधा बन सकती है. इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने तत्काल आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया.

जल्द मिलेंगे उपकरण और अतिरिक्त स्टाफ

सिविल सर्जन डॉ सरयू प्रसाद सिंह ने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएंगे. इसके साथ ही डॉक्टरों की सहायता के लिए एएनएम (एएनएम) और मल्टी पर्पस वर्कर की तैनाती भी शीघ्र की जाएगी. इससे जेल में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सकेगा.

रिकॉर्ड संधारण पर दिए गए जरूरी निर्देश

निरीक्षण के दौरान टीम ने दवाओं के स्टॉक रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की भी जांच की. अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी रिकॉर्ड का समुचित और व्यवस्थित संधारण किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर सही जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके.

जेल स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार की दिशा में अहम कदम

यह संयुक्त निरीक्षण जेल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. इससे न केवल कैदियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी.

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बेहतर चिकित्सा सुविधा देने पर जोर

प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि जेल में रह रहे प्रत्येक कैदी को उचित और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो. इस निरीक्षण के बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही जरूरी सुधार किए जाएंगे और कैदियों को स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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