बोया पेड़ बबूल का, आम कहां से होय

Updated at : 02 Aug 2016 5:37 AM (IST)
विज्ञापन
बोया पेड़ बबूल का, आम कहां से होय

अभी हाल में ही बड़े -बुजुर्ग सेक्शन में एक लघु कथा पढ़ी जिसमें एक बुजुर्ग आदमी अपने आपको एक रद्दीवाले से खरीदने के लिए कहता है. ऐसा उसने इसलिए कहा क्योंकि अपनी नौकरी से सेवानिवृत्त होने के पश्चात उसने सोचा था कि वह अपना वक्त परिवार के बीच गुजारेगा. पर, ऐसा हो नहीं हो पाया, […]

विज्ञापन
अभी हाल में ही बड़े -बुजुर्ग सेक्शन में एक लघु कथा पढ़ी जिसमें एक बुजुर्ग आदमी अपने आपको एक रद्दीवाले से खरीदने के लिए कहता है. ऐसा उसने इसलिए कहा क्योंकि अपनी नौकरी से सेवानिवृत्त होने के पश्चात उसने सोचा था कि वह अपना वक्त परिवार के बीच गुजारेगा. पर, ऐसा हो नहीं हो पाया, क्योंकि परिवार के लोगों के पास उस व्यक्ति के लिए वक्त ही नहीं है.
यहां तक कि उसकी पत्नी को भी नहीं. यह तो हुई कहानी की बात. पर यह आधुनिक जीवन का यथार्थ भी यही है. लोग नौकरी करते वक्त, परिवार को नजरंदाज कर वक्त ही नहीं देते. परिवार के लोग भी कब तक इंतजार करेंगे? वे भी अपना समय व्यतीत करने के लिए अलग -अलग तरीके ढूंढ लेते हैं. अब उनसे ये अपेक्षा करना कि उस व्यक्ति को वह अपना समय दे, जिसने जरूरत के वक्त परिवार को वक्त नहीं दिया, बिल्कुल बेमानी है.
सीमा साही, बोकारो
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola