लालू की जगह आम आदमी होता तो..

Published at :17 Dec 2013 4:50 AM (IST)
विज्ञापन
लालू की जगह आम आदमी होता तो..

चारा घोटले के मुख्य अभियुक्त लालू प्रसाद यादव का जमानत पर रिहा होना, हमारे देश में कानून की बेचारगी की जीती-जागती मिसाल है. अगर आज लालू प्रसाद की जगह कोई आम आदमी रहता, तो क्या उसे भी कानून की ओर से इस तरह की छूट मिलती? हरगिज नहीं. दूसरी तरफ, तमाम ऐसे आरोपी हैं जो […]

विज्ञापन

चारा घोटले के मुख्य अभियुक्त लालू प्रसाद यादव का जमानत पर रिहा होना, हमारे देश में कानून की बेचारगी की जीती-जागती मिसाल है. अगर आज लालू प्रसाद की जगह कोई आम आदमी रहता, तो क्या उसे भी कानून की ओर से इस तरह की छूट मिलती? हरगिज नहीं. दूसरी तरफ, तमाम ऐसे आरोपी हैं जो छोटे-छोटे मामलो में सालों से जेलों में पड़े हैं.

अनेक मामलों में साधारण लोग कानून की जानकारी के अभाव और आर्थिक तंगी के कारण ऊपरी अदालतों तक नहीं पहुंच पाते हैं! इसी का खमियाजा वो भुगतते हैं. जब इस मामले में सीबीआइ ही चाहती थी कि लालू को जमानत मिले, तो कोई और क्या कर सकता है? कम से कम सीबीआइ को तो इसका विरोध करना चाहिए था. क्या इस देश में अब भी यह कहा जा सकता है कि कानून की नजर में सब बराबर हैं?

मदन मोहन सिंह मुंडा, ई-मेल से

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola