दस सालों में शिक्षा क्षेत्र भी बहुत बदला है

Published at :09 Oct 2013 2:46 AM (IST)
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दस सालों में शिक्षा क्षेत्र भी बहुत बदला है

दिनांक एक अक्तूबर 2013 को पाठक मत कॉलम में ‘शिक्षा पर ध्यान दें पारा शिक्षक’ शीर्षक से छपे पत्र के जरिये मो सलीम के विचारों से अवगत हुआ जा सकता है. पत्र में हम पारा शिक्षकों के प्रति इनका पूर्वाग्रह साफ झलकता है. वरना वे बिना समीक्षा किये एक–सा नहीं लिखते कि शिक्षा के गिरते […]

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दिनांक एक अक्तूबर 2013 को पाठक मत कॉलम में शिक्षा पर ध्यान दें पारा शिक्षक शीर्षक से छपे पत्र के जरिये मो सलीम के विचारों से अवगत हुआ जा सकता है. पत्र में हम पारा शिक्षकों के प्रति इनका पूर्वाग्रह साफ झलकता है.

वरना वे बिना समीक्षा किये एकसा नहीं लिखते कि शिक्षा के गिरते स्तर का कारण पारा शिक्षक हैं. यह तो जगजाहिर है कि प्राथमिक शिक्षा की नींव लगभग 10-11 वर्षो से पारा शिक्षकों के बलबूते ही मजबूत है. क्योंकि प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में ज्यादातर अनुपात में अल्प मानदेय पर पारा शिक्षक ही कार्यरत हैं, जहां पढ़ाने के अलावा उनसे जनगणना, पंचायत चुनाव, मतगणना आदि काम भी कराये जाते हैं. सलीम जी ने 2002 और आज के शिक्षा स्तर की तुलना तो की है, लेकिन शायद यह भूल गये कि तब और अब में शिक्षकछात्र अनुपात में बहुत फर्क था.

देवव्रत चंद पोद्दार, गोला, रामगढ़

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