सारे चुनावी वादे भूल गये प्रधानमंत्री
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :19 Mar 2015 1:50 AM (IST)
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लोकसभा चुनावों के समय युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और गरीबी दूर करने के लोकलुभावने वादे किये. देश के युवा मतदाताओं ने उनके वादों को सिर माथे पर लिया और प्रचंड बहुमत देकर कुरसी पर बिठाया. लेकिन सत्ता में आते ही मोदी जी अपने वादे भूल […]
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लोकसभा चुनावों के समय युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और गरीबी दूर करने के लोकलुभावने वादे किये. देश के युवा मतदाताओं ने उनके वादों को सिर माथे पर लिया और प्रचंड बहुमत देकर कुरसी पर बिठाया. लेकिन सत्ता में आते ही मोदी जी अपने वादे भूल गये.
हमेशा विकास की बात करनेवाले मोदी जी की सरकार के कई सांसद अपने पांच करोड़ के कोष से अभी तक विकास कार्य की शुरुआत भी नहीं करवा सके हैं. सांसद अपने क्षेत्र में शांति स्थापित करने के बजाय असमाजिक तत्वों को बढ़ावा दे रहे हैं और नाहक ही अल्पसंख्यकों पर निशाना साधा जा रहा है. क्षेत्र में विवादित भाषण देते हैं और अनेक तरह की टिप्पणियां करते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इन सभी मामलों पर चुप्पी साधे हुए हैं. आखिर क्यों?
मो मिराज अंसारी, बरही
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