सशक्त नारी से ही राज्य आगे बढ़ेगा

Published at :21 Oct 2014 4:03 AM (IST)
विज्ञापन
सशक्त नारी से ही राज्य आगे बढ़ेगा

समाज में महिलाओं की स्थिति की बात करें, तो झारखंड के हालात अपने अड़ोस-पड़ोस के राज्यों से कहीं बेहतर हैं. यहां महिलाएं समाज, परिवार, संस्कृति और अर्थ की धुरी हैं. घर-बाहर की जिम्मेदारियों में वे बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती हैं. पड़ोस के बिहार में महिलाओं को पंचायत में पचास फीसदी आरक्षण तो मिल गया है, […]

विज्ञापन
समाज में महिलाओं की स्थिति की बात करें, तो झारखंड के हालात अपने अड़ोस-पड़ोस के राज्यों से कहीं बेहतर हैं. यहां महिलाएं समाज, परिवार, संस्कृति और अर्थ की धुरी हैं. घर-बाहर की जिम्मेदारियों में वे बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती हैं.
पड़ोस के बिहार में महिलाओं को पंचायत में पचास फीसदी आरक्षण तो मिल गया है, पर इसी के साथ वहां ‘मुखियापति’ नामक बिरादरी भी फल-फूल रही है. यानी, मुखिया का चुनाव सिर्फ कानूनी औपचारिकता के लिए महिला के नाम लड़ा व जीता जाता है, असली जिम्मेदारी उनके पति संभालते हैं. हालांकि यह एक सामान्यीकरण है और अपवाद वहां भी हैं. दूसरी तरफ झारखंड में महिलाएं बढ़-चढ़ कर पंचायत प्रतिनिधियों के रूप में जिम्मेदारी निभा रही हैं.
प्रखंड व जिला मुख्यालयों में होनेवाली बैठकों में मुखिया अंदर व्यस्त होती हैं और उनके पति बाहर बच्चे संभालते दिखते हैं. झारखंड को यह विशिष्टता हासिल है आदिवासी संस्कृति के प्रभाव की वजह से, स्त्री-पुरुष समानता जिसका अभिन्न अंग है. झारखंड में कोई धरना-प्रदर्शन हो, रोजी-रोटी के लिए आंदोलन हो, जल-जंगल-जमीन और अपनी अस्मिता बचाने का संघर्ष हो, महिलाएं सबसे अगली पंक्ति में खड़ी नजर आती हैं. लेकिन, इसका एक दूसरा पहलू भी है.
झारखंडी महिला पर जिम्मेदारियों का भारी बोझ है. उन्हें घर का काम करने के साथ-साथ बाहर भी मेहनत-मजदूरी करनी पड़ती है. बहुत सी लड़कियों पर अपना और अपने परिवार का पेट पालने की जिम्मेदारी है. ऐसे में, झाखंड सरकार ने महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए जो कदम उठाये हैं, वे सराहनीय हैं. महिलाओं के लिए होमगार्ड, प्राथमिक शिक्षक, पंचायत सचिव के पदों में 50 फीसदी आरक्षण, मुफ्त व्यावसायिक शिक्षा, लड़कियों के लिए आर्थिक मदद, अनुबंध पर नियुक्त सरकारी महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश इसी तरह के कदम हैं.
इसी क्रम में सोमवार को रांची के खेलगांव में महिला अधिकार दिवस भी आयोजित किया गया है. इसके पीछे चुनाव में महिलाओं के वोट पाने की मंशा हो सकती है. लेकिन, अगर वोट के लिए ही अच्छे काम हों, तो इसमें हर्ज ही क्या है! शासन-सत्ता में महिलाओं की ज्यादा भूमिका, झारखंड को आगे ले जायेगी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola