बेवजह खर्च करने से बचे सरकार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Dec 2019 7:50 AM
अटल बिहारी वाजयेपी मेमोरियल लेक्चर में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बढ़ती आबादी के हिसाब से सांसदों एवं विधायकों की सीट बढ़ाने की मांग रखी. उन्होंने बताया कि 50 साल पहले लोकसभा सदस्यों की संख्या बढ़ायी गयी थी. उस समय 520 सीट थी. उनका तर्क अच्छा है कि 2019 के चुनाव में 90 करोड़ मतदाता […]
अटल बिहारी वाजयेपी मेमोरियल लेक्चर में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बढ़ती आबादी के हिसाब से सांसदों एवं विधायकों की सीट बढ़ाने की मांग रखी. उन्होंने बताया कि 50 साल पहले लोकसभा सदस्यों की संख्या बढ़ायी गयी थी. उस समय 520 सीट थी. उनका तर्क अच्छा है कि 2019 के चुनाव में 90 करोड़ मतदाता थे. इस हिसाब से एक चुनाव क्षेत्र में औसतन 18 लाख लोग होते हैं. उन सभी से संपर्क कर पाना एक सांसद के लिए असंभव होता है.
मुखर्जी ने सांसदों की संख्या एक हजार करने की बात की है. अभी एक सांसद को अपने क्षेत्र के विकास के पांच करोड़ प्रति वर्ष मिलते हैं. सांसद बढ़ाने से सरकार को हर वर्ष दोगुनी राशि खर्च करनी पड़ेगी. मेरे खयाल में सांसद अगर सरकार से कहकर अपने क्षेत्र में विकास कार्य करवाएं, नीतियां बनवाएं, कारखाने, स्कूल, अस्पताल, पेयजल और बिजली की व्यवस्था के लिए सरकार पर दबाव बनाएं, तो अच्छा है.
जंग बहादुर सिंह, जमशेदपुर, झारखंड
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