काम में लगे रहिए!

Updated:
विज्ञापन
काम में लगे रहिए!

पीयूष पांडेव्यंग्यकार[email protected] इन दिनों काम का इतना बोझ है कि मैं कोई काम कर ही नहीं पा रहा. पहले अनुच्छेद 370 हटाने के बाद कई दिन इस चिंतन में बीत गये कि क्या अब पाकिस्तान के साथ युद्ध होगा?श्रीनगर में डल झील के किनारे प्रॉपर्टी का दाम क्या है? बमुश्किल इस हालत पर चिंतन से […]

विज्ञापन

पीयूष पांडे
व्यंग्यकार
[email protected]

इन दिनों काम का इतना बोझ है कि मैं कोई काम कर ही नहीं पा रहा. पहले अनुच्छेद 370 हटाने के बाद कई दिन इस चिंतन में बीत गये कि क्या अब पाकिस्तान के साथ युद्ध होगा?श्रीनगर में डल झील के किनारे प्रॉपर्टी का दाम क्या है? बमुश्किल इस हालत पर चिंतन से मुक्त हुआ था कि चंद्रयान-2 ने सोचने का काम दे दिया.
उसके चांद पर पहुंचने से पहले दो-चार दिन इस चिंतन में चले गये कि उसके चांद पर पहुंचने के बाद क्या होगा? क्या अब मैं भी चांद पर जाऊंगा? क्या आनेवाले दिन में श्रीहरिकोटा से दिन में दो बार चांद के लिए रॉकेट उड़ेंगे? और क्या रॉकेट का कंडक्टर भी खुले पैसे ना होने का बहाना करके मेरी मेहनत की कमाई हड़प लेगा?
इस चिंता में पूरी रात न्यूज चैनलों पर ‘चांद के पार चलो’ और ‘चंदा मामा दूर के’ जैसे गाने सुनकर सोचता रहा कि अगर चंद्रयान-2 थोड़ी देर से चांद पर पहुंचा, तो न्यूज चैनल वालों को तो नये गाने कंपोज कराने होंगे. या संभव है कि स्टूडियो में वैज्ञानिकों की जगह शायरों-गीतकारों को बैठाया जाये, ताकि वे चांद पर नयी-नयी कविताएं कहें-गजलें कहें.
लेकिन मैं जैसा सोचता हूं, वैसा होता कहां है? मेरी यह परेशानी बचपन से है. मैंने बचपन में जिस लड़की को गर्लफ्रेंड बनाना चाहा, वह चांद सी सूरत वाली लड़की किसी दूसरे ग्रह (मुहल्ले) के लड़के के ऑर्बिट (घर) में चली गयी.
अब मैं नये काम में लगा हूं. नया काम है अपनी गाड़ी के तमाम कागजों को दुरुस्त करना. नये ट्रैफिक नियम लागू होने के बाद आजकल लाखों लोग यही काम कर रहे हैं. इस काम को करते हुए सैकड़ों बेरोजगारों को अचानक रोजगार मिल गया है- लाइन में लगकर पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने का रोजगार.
सरकार की अच्छी बात यही है कि वह हर कुछ दिन में बेरोजगारों को नया काम दे देती है. नोटबंदी के बाद हजारों बेरोजगार अपने घर के सदस्यों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों के नोट बदलवाने के लिए बैंक की लाइन में खड़े हो गये थे. आजकल पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने के लिए खड़े हैं.
बेरोजगारों के लिए यह वक्त काटने और कमाई दोनों का अवसर है. बेरोजगार भोले होते हैं. वे काम का स्तर नहीं देखते. वे सिर्फ काम देखते हैं. काम मिलता है तो करते हैं. निरपेक्ष भाव से. वे कभी एक पार्टी के समर्थन में वोट मांगते हैं, तो कभी उसी पार्टी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करते हैं.
सच कहूं तो बेरोजगारों के अलावा बाकी देश भी इन दिनों नये ट्रैफिक नियमों के जाल में उलझा है. लाखों लोगों ने तो गाड़ी खरीदने के बाद उसके कागज कहां रख छोड़े हैं, उन्हें खुद पता नहीं. कइयों को पता नहीं हेलमेट कहां मिलता है? करोड़ों लोगों ने नये नियम सुनकर ब्लड प्रेशर बढ़ा लिया है, क्योंकि नियम का पालन करना हिंदुस्तान में अघोषित अपराध है.
बहरहाल, देश की असंख्य जनता को कुछ दिनों के लिए काम मिल गया है. सरकार खुश है. जिस देश की सारी जनता काम में लगी हो, उस सरकार को खुश होना ही चाहिए. मैं भी खुश हूं. आप भी अब काम पर लग जाइये.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola