ePaper

समेकित विकास की नीति जरूरी

Updated at : 19 Jul 2019 7:00 AM (IST)
विज्ञापन
समेकित विकास की नीति जरूरी

दुनिया के कुल 130 करोड़ गरीबों में से आधे 18 साल से कम उम्र के बच्चे हैं और उनमें भी दस साल से कम उम्र वाले बच्चों की तादाद लगभग एक तिहाई है. क्या इन नये आंकड़ों के आलोक में भारत सरकार अपनी आर्थिक विकास पर आधारित नीतियों की जगह समेकित विकास की नीति लाने […]

विज्ञापन
दुनिया के कुल 130 करोड़ गरीबों में से आधे 18 साल से कम उम्र के बच्चे हैं और उनमें भी दस साल से कम उम्र वाले बच्चों की तादाद लगभग एक तिहाई है.
क्या इन नये आंकड़ों के आलोक में भारत सरकार अपनी आर्थिक विकास पर आधारित नीतियों की जगह समेकित विकास की नीति लाने की कोशिश करेगी? ऐसा करने का मतलब होगा कि किसी गांव या शहर की गरीब बस्ती में आय बढ़ाने के साथ ही बिजली, पानी, शिक्षा, रसोई गैस, अस्पताल आदि की सुविधा मुहैया कराना.
हैरानी की बात है कि नयी परिभाषा के तहत गरीबी केवल निर्धन, निम्न या निम्न-मध्यम आय वाले देशों में ही नहीं, माध्यम आय वाले देशों में भी बड़ी संख्या में है, यानी 130 करोड़ में 88.6 करोड़ गरीब हैं. यह सरकारों के लिए संदेश है कि आय तो बढ़ाएं, लेकिन इसके बहुआयामी अभाव को भी कम करने के लिए प्रयास करें.
डॉ हेमंत कुमार, भागलपुर
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola