ePaper

भीड़ की हिंसा पर रोक के लिए बने कड़ा कानून

Updated at : 27 Jun 2019 5:41 AM (IST)
विज्ञापन
भीड़ की हिंसा पर रोक के लिए बने कड़ा कानून

भीड़ की हिंसा के मामले की बिना किसी किंतु-परंतु की निंदा होनी चाहिए. पीड़ित अथवा हमलावर की जाति या फिर उसका मजहब देखकर उद्वेलित होना या न होना ठीक नहीं. तबरेज अंसारी के परिवार को न्याय मिले, इसकी चिंता करते समय यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि न्याय की दरकार मथुरा के उस लस्सी […]

विज्ञापन
भीड़ की हिंसा के मामले की बिना किसी किंतु-परंतु की निंदा होनी चाहिए. पीड़ित अथवा हमलावर की जाति या फिर उसका मजहब देखकर उद्वेलित होना या न होना ठीक नहीं. तबरेज अंसारी के परिवार को न्याय मिले, इसकी चिंता करते समय यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि न्याय की दरकार मथुरा के उस लस्सी विक्रेता के परिवार को भी है जो चंद दिनों पहले भीड़ की हिंसा का शिकार बना है.
हिंसा-हत्या के मामलों में अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक का चश्मा चढ़ाकर प्रतिक्रिया व्यक्त करने की आदत ठीक नहीं है. चाहे राज्य में किसी भी पार्टी की सरकार हो, लेकिन इस रोक लगाने के लिए कठोर से कठोर कानून बनाना चाहिए. प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस को भी इस मामले में सतर्क रहकर काम करने की जरूरत है.
डाॅ हेमंत कुमार, गोराडीह (भागलपुर)
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola