तीन तलाक पर विरोध दुर्भाग्यपूर्ण
Updated at : 24 Jun 2019 5:41 AM (IST)
विज्ञापन

तीन तलाक पर प्रतिबंध के लिए केंद्रीय कानून मंत्री ने हंगामे के बीच नया विधेयक लोकसभा में पेश किया. विपक्ष दलों ने इसका विरोध किया. दरअसल, पिछले साल दिसंबर में लोकसभा में यह बिल पास हुआ था और राज्यसभा में पेंडिंग था. इस बीच लोकसभा भंग हो गयी, तो बिल भी खत्म हो गया. लिहाजा […]
विज्ञापन
तीन तलाक पर प्रतिबंध के लिए केंद्रीय कानून मंत्री ने हंगामे के बीच नया विधेयक लोकसभा में पेश किया. विपक्ष दलों ने इसका विरोध किया. दरअसल, पिछले साल दिसंबर में लोकसभा में यह बिल पास हुआ था और राज्यसभा में पेंडिंग था.
इस बीच लोकसभा भंग हो गयी, तो बिल भी खत्म हो गया. लिहाजा नये सिरे से इस बिल को लाया गया. सोनिया गांधी महिला हैं और अपनी पार्टी की शीर्ष नेता भी, पर उनकी पार्टी लोकसभा में महिला विरोधी हो रही है. असदुद्दीन ओवैसी भले कह लें कि हमारे पास पहले ही घरेलू हिंसा के लिए कानून और मुस्लिम मैरिज एक्ट हैं, मगर सच यही है कि ये पर्याप्त नहीं हैं.
तीन तलाक के पक्ष में मुस्लिम महिलाएं भी हैं और मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध लोग भी. यह लोकसभा चुनाव के दौरान भी दिखा. कुल मिला कर लोकसभा में विरोध की यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है.
अमन सिंह, प्रेमनगर, बरेली
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




