ePaper

आतंकियों को किसी मजहब से जोड़ना उचित नहीं

Updated at : 27 Feb 2019 6:08 AM (IST)
विज्ञापन
आतंकियों को किसी मजहब से जोड़ना उचित नहीं

आतंकियों की कोई जाति नहीं होती और न ही मजहब होता है. इनका काम सिर्फ दहशत फैलाना है. पिछले दिनों पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के 37 जवान शहीद हो गये. इस हमले में किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना पति व पिता. इसलिए सरकार को इस घृणित अपराध के लिए आतंकियों के खिलाफ […]

विज्ञापन

आतंकियों की कोई जाति नहीं होती और न ही मजहब होता है. इनका काम सिर्फ दहशत फैलाना है. पिछले दिनों पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के 37 जवान शहीद हो गये. इस हमले में किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना पति व पिता. इसलिए सरकार को इस घृणित अपराध के लिए आतंकियों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की जरूरत है.

साथ ही जवानों के सुरक्षा के लिए बेहतर प्रबंध करना चाहिए. सबसे बड़ी बात यह है कि इसे मजहबी रंग देने का प्रयास किया जाता है, जो गलत है. सोशल मीडिया पर तरह-तरह के अफवाह फैलाये जाते हैं, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ता है. इससे बचने की जरूरत है.

मनी भूषण, रोहतास

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola