आतंकियों को किसी मजहब से जोड़ना उचित नहीं

आतंकियों की कोई जाति नहीं होती और न ही मजहब होता है. इनका काम सिर्फ दहशत फैलाना है. पिछले दिनों पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के 37 जवान शहीद हो गये. इस हमले में किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना पति व पिता. इसलिए सरकार को इस घृणित अपराध के लिए आतंकियों के खिलाफ […]
आतंकियों की कोई जाति नहीं होती और न ही मजहब होता है. इनका काम सिर्फ दहशत फैलाना है. पिछले दिनों पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के 37 जवान शहीद हो गये. इस हमले में किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना पति व पिता. इसलिए सरकार को इस घृणित अपराध के लिए आतंकियों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की जरूरत है.
साथ ही जवानों के सुरक्षा के लिए बेहतर प्रबंध करना चाहिए. सबसे बड़ी बात यह है कि इसे मजहबी रंग देने का प्रयास किया जाता है, जो गलत है. सोशल मीडिया पर तरह-तरह के अफवाह फैलाये जाते हैं, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ता है. इससे बचने की जरूरत है.
मनी भूषण, रोहतास
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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