किसानों को पैदावार के सीधे भुगतान से परहेज क्यों
Updated at : 30 Jan 2019 5:57 AM (IST)
विज्ञापन

केंद्र सरकार की कथनी और करनी में अंतर स्पष्ट दिखाता है. ‘किसानों की आमदनी 2022 में दुगुनी कर देंगे’ या ‘हमने किसानों की फसलों का समर्थन मूल्य डेढ़ गुना कर दिया, जो कांग्रेस ने सत्तर सालों में नहीं किया, अब वे चैन की नींद सोयेंगे’ आदि बातें केवल दिखावा ही साबित हुई हैं. जब हरियाणा […]
विज्ञापन
केंद्र सरकार की कथनी और करनी में अंतर स्पष्ट दिखाता है. ‘किसानों की आमदनी 2022 में दुगुनी कर देंगे’ या ‘हमने किसानों की फसलों का समर्थन मूल्य डेढ़ गुना कर दिया, जो कांग्रेस ने सत्तर सालों में नहीं किया, अब वे चैन की नींद सोयेंगे’ आदि बातें केवल दिखावा ही साबित हुई हैं.
जब हरियाणा में भाजपा की सरकार के सामने किसानों को उनकी फसलों के मूल्य उनके खाते में सीधा ट्रांसफर करने की बात आयी, तो सरकार पीछे हट गयी. सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से किसान विरोधी नीति और नीयत को दर्शाता है. उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी कि वे बोल कर पीछे हट जायेंगे.
निर्मल कुमार शर्मा ,गाजियाबाद
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




