सवर्णों के लिए आरक्षण
Updated at : 09 Jan 2019 5:33 AM (IST)
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मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ा कदम उठाते हुए सवर्ण जातियों को आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है. एससी-एसटी एक्ट पर केंद्र सरकार के फैसले के बाद सवर्ण जातियों में नाराजगी के मद्देनजर सरकार का यह कदम अगड़ों को अपने पाले में लाने की कोशिश है, लेकिन […]
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मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ा कदम उठाते हुए सवर्ण जातियों को आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है. एससी-एसटी एक्ट पर केंद्र सरकार के फैसले के बाद सवर्ण जातियों में नाराजगी के मद्देनजर सरकार का यह कदम अगड़ों को अपने पाले में लाने की कोशिश है, लेकिन इस फैसले को लागू करना आसान नहीं होगा.
सबसे पहले तो संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन करना होगा, जो सिर्फ सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े समूहों के लिए विशेष प्रावधान की वकालत करता है. सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही आरक्षण की सीमा अधिकतम 50 प्रतिशत तय कर रखी है.
पूर्व में नरसिम्हा राव सरकार के इस तरह के एक निर्णय को न्यायालय ने इसी आधार पर निरस्त कर दिया था. अब देखना होगा कि वर्तमान सरकार अपने इस फैसले को लागू करने के लिए किन युक्तियों का सहारा लेती है या फिर उसका यह फैसला चुनावी वर्ष में महज एक स्टंट बन कर रह जाता है.
चंदन कुमार, देवघर
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