महिला आरक्षण बिल पारित होना चाहिए

सबरीमाला पर उच्चतम न्यायालय का फैसला और तीन तलाक बिल के कारण महिलाओं को अधिकार देने की बात फिर से चर्चा में है. दोनों में महिलाओं को अधिकार संपन्न किये जाने की बात कही जा रही है, परंतु संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी बिल लोकसभा में 2010 से ही […]
सबरीमाला पर उच्चतम न्यायालय का फैसला और तीन तलाक बिल के कारण महिलाओं को अधिकार देने की बात फिर से चर्चा में है. दोनों में महिलाओं को अधिकार संपन्न किये जाने की बात कही जा रही है, परंतु संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी बिल लोकसभा में 2010 से ही लंबित है.
आज जो राजनीतिक दल सत्ता में है, वह इस विधेयक का समर्थक रहा है. राज्यसभा में सभी दलों की महिला प्रतिनिधियों ने एक स्वर में इस बिल को पारित कराये जाने की मांग की है. यदि हम सच में आधी आबादी को बराबरी का हक देना चाहते हैं, तो अब महिला आरक्षण बिल पास होना चाहिए. फिर न सबरीमाला पर विवाद होगा न ही तीन तलाक पर.
चितरंजन चौधरी, भगवानपुर (बेगूसराय)
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




