शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया इतनी जटिल क्यों

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Sep 2018 8:46 AM

विज्ञापन

पिछले कुछ वर्षों के दौरान राज्य में शिक्षकों व अन्य पदों पर हुई नियुक्तियों में सीटों का खाली रह जाना सरकार की नीति और नीयत पर सवालिया निशान लगाता है. दरअसल, राज्य सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया है कि सीटों का खाली रहना आम बात हो गयी है. हाल ही में […]

विज्ञापन

पिछले कुछ वर्षों के दौरान राज्य में शिक्षकों व अन्य पदों पर हुई नियुक्तियों में सीटों का खाली रह जाना सरकार की नीति और नीयत पर सवालिया निशान लगाता है. दरअसल, राज्य सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया है कि सीटों का खाली रहना आम बात हो गयी है.

हाल ही में हुई स्नातकोत्तर शिक्षक भर्ती परीक्षा की बात करें, तो इसका न्यूनतम कट ऑफ मार्क्स 50 प्रतिशत रखा गया. इसके लिए तीन घंटे में 150 प्रश्नों काे हल करना था. कला के अभ्यर्थियों के लिए तो यह ठीक था, पर गणित और विज्ञान के अभ्यर्थियों के तीन घंटे में 150 प्रश्नों को हल करने में पसीने छूट गये. प्रश्नों का स्तर भी काफी उच्च था. नतीजतन सीटें खाली रह गयीं. भविष्य में होने वाली हाइस्कूल शिक्षक परीक्षा का भी कमोबेश यही हश्र होने वाला है. आखिर माननीयों का ध्यान कब इस ओर जायेगा? कब प्रक्रिया को सरल और सहज बनाया जायेगा? हम छात्रों को इसका इंतजार रहेगा.

युगल किशोर पंडित, गिरिडीह

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola