बाढ़ और जल प्रबंधन !
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Sep 2018 8:58 AM
प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानव बौना है, फिर भी उसने बहुत कुछ काबू कर लिया है और आगे भी बहुत कुछ कर सकता है. मगर आज दुर्भाग्य से प्राकृतिक संसाधनों पर बड़े हमले से ही आज बाढ़ और जल संकट जैसी अनेकों समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहा है. इसका बड़ा कारण सभी नदियां, नहरें, […]
प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानव बौना है, फिर भी उसने बहुत कुछ काबू कर लिया है और आगे भी बहुत कुछ कर सकता है. मगर आज दुर्भाग्य से प्राकृतिक संसाधनों पर बड़े हमले से ही आज बाढ़ और जल संकट जैसी अनेकों समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहा है. इसका बड़ा कारण सभी नदियां, नहरें, नाले, तालाब और जोहड़ आदि सफाई-खुदाई के अभाव और इनके अतिक्रमण से तो ये लुप्तप्राय होकर पहले ही दम तोड़ चुके हैं.
भयंकर जल अभाव और प्रबंधन को देखते हुए जो वाटर हार्वेस्टिंग दिल्ली जैसे महानगरों में जरूरी थी, वह भी गायब है. अतिक्रमण, अवैध निर्माण, बढ़ती जनसंख्या और केंद्रीकरण की नीति इसके अन्य बड़े कारण हैं. आशा है सरकार सर्वहित में इस पर जल्द ठोस, पारदर्शी कार्रवाई से जरूर एक शानदार मिसाल कायम करेगी.
वेद मामूरपुर ,नरेला
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