गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर सवाल

Updated at : 04 Sep 2018 8:27 AM (IST)
विज्ञापन
गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर सवाल

प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु शिक्षा विभाग द्वारा लगभग दो दशक के दरम्यान अनेक परियोजनाएं चलायी गयीं, परंतु कोई अपेक्षित लाभ मिल नहीं सका. किसी बीमारी का वास्तविक कारण जाने बिना सिर्फ एंटीबायोटिक खिलाने से मरीज का सही इलाज नहीं हो सकता है. मैं सरकार को सुझाव देना चाहूंगा कि यदि सरकारी विद्यालयों […]

विज्ञापन
प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु शिक्षा विभाग द्वारा लगभग दो दशक के दरम्यान अनेक परियोजनाएं चलायी गयीं, परंतु कोई अपेक्षित लाभ मिल नहीं सका. किसी बीमारी का वास्तविक कारण जाने बिना सिर्फ एंटीबायोटिक खिलाने से मरीज का सही इलाज नहीं हो सकता है.
मैं सरकार को सुझाव देना चाहूंगा कि यदि सरकारी विद्यालयों में नर्सरी, केजी जैसी पूर्व प्राथमिक कक्षाओं को जोड़ दिया जाए, बच्चों की नियमित उपस्थिति के लिए अभिभावकों को जवाबदेह बना दिया जाए तथा पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था कर दी जाए, तो शिक्षा की गुणवत्ता में स्वतः सुधार हो जायेगा और तब पहल, बुनियाद या ज्ञान सेतु जैसे एंटीबायोटिक माड्यूल्स की जरूरत नहीं पड़ेगी.
सुनील कुमार झा, देवघर
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola