संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ

Updated at : 01 Aug 2018 11:44 PM (IST)
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संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ

भारत ग्रामीण आबादी की बहुलता वाला देश उद्योग-धंधों के तेज विकास के बगैर अपनी विशाल आबादी को निर्धनता से मुक्त नहीं कर सकता. इससे बड़ी विडंबना और कोई नहीं हो सकती कि राहुल गांधी के साथ कुछ विपक्षी नेता औद्योगिकीकरण को गति देने की आवश्यकता जताने के बजाय उद्यमियों को लांछित करने में लगे हुए […]

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भारत ग्रामीण आबादी की बहुलता वाला देश उद्योग-धंधों के तेज विकास के बगैर अपनी विशाल आबादी को निर्धनता से मुक्त नहीं कर सकता.
इससे बड़ी विडंबना और कोई नहीं हो सकती कि राहुल गांधी के साथ कुछ विपक्षी नेता औद्योगिकीकरण को गति देने की आवश्यकता जताने के बजाय उद्यमियों को लांछित करने में लगे हुए हैं. इन दिनों वह इस पर आपत्ति जताने में लगे हुए हैं कि राफेल लड़ाकू विमान के सौदे के तहत अनिल अंबानी की कंपनी को ठेका क्यों मिल गया?
बेहतर होगा कि राहुल स्पष्ट करें कि अनिल अंबानी की कंपनी को यह ठेका मिलना अनुचित कैसे है? यह ठीक नहीं कि वह संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों के फेर में उद्योगपतियों को खलनायक के रूप में पेश करने का काम करें. ऐसा करके वह लाखों गरीब युवाओं के भविष्य से भी खेल रहे हैं, जो रोजगार की तलाश में हैं.
डॉ हेमंत कुमार, भागलपुर
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