सही निर्णय
Updated at : 27 Jul 2018 1:03 AM (IST)
विज्ञापन

राहुल गांधी ने स्वयं को महागठबंधन के नेतृत्व से लगभग पृथक कर लेने का बहुत सही निर्णय लिया है. महागठबंधन में दिग्गज महिलाओं की सहभागिता की अनिवार्यता को समझते हुए ही यह कदम उठाया है. अगर कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व के प्रति आग्रह को दरकिनार कर उसकी अनिवार्यता से इनकार करती है, तो यह […]
विज्ञापन
राहुल गांधी ने स्वयं को महागठबंधन के नेतृत्व से लगभग पृथक कर लेने का बहुत सही निर्णय लिया है. महागठबंधन में दिग्गज महिलाओं की सहभागिता की अनिवार्यता को समझते हुए ही यह कदम उठाया है.
अगर कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व के प्रति आग्रह को दरकिनार कर उसकी अनिवार्यता से इनकार करती है, तो यह समयानुकूल निर्णय कहा जायेगा. इससे दो तरह के लाभ मिलेंगे. एक तो वह परिवारवाद की छवि से मुक्त होगी और दूसरा, उसमें बहुत सारे दल खुल कर जुड़ेंगे.
मायावती और ममता बनर्जी तब अपनी महत्वाकांक्षाओं के पोषण का अवसर ढूंढ़ सकेंगी. अगर सिर्फ मोदीराज को समाप्त करना ही विपक्षी दलों
का लक्ष्य है, तो राहुल को अपनी महत्वाकांक्षा की कुर्बानी देनी ही होगी. सत्तालोलुपता के आरोपों से भी वे मुक्त हो सकेंगे.
आशा सहाय, इमेल से
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




