कलंकित होते रिश्ते
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Jul 2018 6:45 AM
पुनः एक बार शर्मसार कर देने वाली एक घटना छपरा में हुई, जहां एक छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया. हैरानी की बात यह है कि इस बार दुष्कर्म एक ऐसे पवित्र रिश्ते के साथ हुआ है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. कोई गुरु और शिष्य के रिश्तों को कैसे कलंकित कर सकता? […]
पुनः एक बार शर्मसार कर देने वाली एक घटना छपरा में हुई, जहां एक छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया. हैरानी की बात यह है कि इस बार दुष्कर्म एक ऐसे पवित्र रिश्ते के साथ हुआ है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. कोई गुरु और शिष्य के रिश्तों को कैसे कलंकित कर सकता? कैसे एक गुरु अपनी शिष्या को हवस का शिकार बना सकता है?
कैसे किसी व्यक्ति की मानसिकता, उसका दृष्टिकोण, उसकी सोच इतनी गिर सकती है? देश को विकसित बनाने में लगे हुए राजनीतिज्ञ कहते हैं कि सारी व्यवस्था ठीक कर देंगे, परंतु इसका क्या लाभ? क्या व्यवस्था ठीक होने से इनकी मानसिकता भी ठीक हो जायेगी? कदापि नहीं. जो लोग रिश्ते की पवित्रता नहीं समझते, उनको समाज से हटाना जरूरी है. स्वस्थ समाज के लिए यह बहुत जरूरी है.
मनी भूषण, रोहतास
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










