यातायात व्यवस्था ध्वस्त

रांची शहर की सभी मुख्य सड़कों पर कदम-कदम पर गड्ढे हैं. कई चौराहे और फुटपाथ अतिक्रमण की चपेट में हैं. ध्वस्त यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए यातायात पुलिस के सिपाही कहीं नजर नहीं आते. आये दिन जाम के झाम में फंस कर घंटों बरबाद करना तो जैसे शहर के लोगों की नियति बन चुकी […]
रांची शहर की सभी मुख्य सड़कों पर कदम-कदम पर गड्ढे हैं. कई चौराहे और फुटपाथ अतिक्रमण की चपेट में हैं. ध्वस्त यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए यातायात पुलिस के सिपाही कहीं नजर नहीं आते. आये दिन जाम के झाम में फंस कर घंटों बरबाद करना तो जैसे शहर के लोगों की नियति बन चुकी है. कई बार खराब सड़कों के कारण हादसे हो चुके हैं.
चौराहे पर कभी पुलिस तैनात नहीं रहती. जाम लगने पर दुकानदारों या फिर मुसाफिरों को ही खुलवाने के लिए प्रयास करना पड़ता है. शहर में कई जगह स्पीड ब्रेकर न होने से आये दिन हादसे होते हैं. इस ऊबड़-खाबड़ रास्ते से खुद सड़क निर्माण मंत्री कई बार गुजर चुके हैं, लेकिन जब मंत्री जी को ही दिक्कत नहीं तो किससे उम्मीद करें जो मार्ग की हालत ठीक करवा सके. रास्ता जिस हाल में है उसी से गुजरना हमारी मजबूरी बन चुकी है.
राहुल मिश्र, कांके
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