सच होगा शाम का यह सपना?

एक शाम अजीब सपना देखा. लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी अप्रत्याशित रूप से संसद की 543 में से 450 सीटें जीत गयी है. केजरीवाल ने मोदी को, विश्वास ने राहुल को और आशुतोष ने सिब्बल को बुरी तरह मात दी है. हर तरफ क्र ांति का माहौल है. सड़कों पर हाथ में झाड़ू लिये […]
एक शाम अजीब सपना देखा. लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी अप्रत्याशित रूप से संसद की 543 में से 450 सीटें जीत गयी है. केजरीवाल ने मोदी को, विश्वास ने राहुल को और आशुतोष ने सिब्बल को बुरी तरह मात दी है. हर तरफ क्र ांति का माहौल है. सड़कों पर हाथ में झाड़ू लिये जनसैलाब उमड़ आया है.
आनंद के अतिरेक में सभी विजयी सांसद अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गये हैं. व्यथित विरोधी दल आकाश मार्ग से उन पर स्याही, सड़े हुए अंडे-टमाटर बरसा रहे हैं. केजरीवाल के आग्रह पर शपथ ग्रहण समारोह बनारस के मणिकर्णिका घाट पर आयोजित है, जहां केजरीवाल अपने समर्थकों को संबोधित करते हैं- मित्रो! हमारे देश की सभी समस्याओं की जड़ भारत में नहीं, अमेरिका में है. इसलिए अब मुङो भारत का प्रधानमंत्री नहीं, अमेरिका का राष्ट्रपति बनना है.
देव कुमार वर्मा, धनबाद
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