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  • Dec 6 2018 8:08PM

गुमला : पीएलएफआई के गढ़ में जनता दरबार, ग्रामीण व प्रशासन आमने सामने हुए

गुमला : पीएलएफआई के गढ़ में जनता दरबार, ग्रामीण व प्रशासन आमने सामने हुए
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दुर्जय पासवान, गुमला

कामडारा प्रखंड के घोर उग्रवाद प्रभावित रेड़वा गांव में गुरुवार को प्रशासन ने जनता दरबार लगाया. पीएलएफआई के इस गढ़ में विकास योजनाओं को लेकर प्रशासन व जनता आमने सामने थे. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगे जनता दरबार में दर्जनों गांव के हजारों लोग पहुंचे थे. सभी लोगों ने खुलकर अपनी बातों को रखा. 

 

मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर दिनेश उरांव, डीसी शशि रंजन, एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा, डीडीसी नागेंद्र कुमार सिन्हा थे. जबकि जिले के सभी विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद थे. मौके पर विभिन्न विभागों द्वारा विकास योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाया गया था. लोगों ने अधिकारियों के समक्ष बेबाक तरीके से अपनी बातें रखी. 

 

मुख्य रूप से सड़क, पानी, कई गांव में बिजली, शिक्षा व्यवस्था की समस्या को रखा गया. अधिकारियों ने भी समस्या सुनने के बाद दूर करने का वादा किया है. 

 

गरीबों का हक मारने वाले सुधर जाएं : स्पीकर

झारखंड विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर दिनेश उरांव ने कहा कि प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम के तहत् कामडारा प्रखंड के रेड़वा गांव में जनता दरबार का आयोजन सराहनीय पहल है. सरकार की योजनाओं के सफलता खासकर महिलाओं की भूमिका व भागीदारी के बिना संभव नहीं है. उन्होंने प्रशासनिक पदाधिकारियों को संदेश दिया कि पदाधिकारी विभागीय दायित्वों के निर्वहन व जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें. जनप्रनिधियों व विभाग समन्वय बनाकर योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करें. 

 

उन्होंने कहा गरीबों का हक मारने वाले सम्पन्न लोगों पर प्रशासन कार्रवाई करें. अल्पवृष्टि के कारण फसल क्षति से प्रभावित परिवारों या किसानों को सही तरीके से सर्वे कर उन्हें लाभ देने को कहा. साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने कहा समय पर कृषकों की मदद कर उपज बढ़ाने के लिए व्यवस्था करनी होगी. सरकारी योजनाओं के भरोसे गांव का सम्पूर्ण विकास होगा यह मानना बेमानी होगी. ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए. 

 

उन्‍होंने कहा कि जनप्रतिनिधि व प्रशासन अधिकारी अपनी-अपनी जिम्मेवारी समझे, समन्वय बनाकर सकारात्मक विचार रखें. विधानसभा अध्यक्ष ने पारा शिक्षकों से आग्रह किया आंदोलन, हड़ताल समस्या का समाधान नहीं है. बातचीत कर समस्या का समाधान संभव है. शिक्षकों के पदस्थापन युक्तिकरण में पारा शिक्षकों की खासकर व्यवहारिक पथ को ध्यान रखने की जरूरत है. स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखने की जरूरत है. 

 

प्राकृतिक जलस्रोत से मिलेगा पानी : डीसी

उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि पेयजल की समस्या की सूची हमारे पास है. परंतु डीप बोरिंग ही एकमात्र समाधान नहीं है. पानी के वैकल्पित स्रोत के रूप में स्थानीय जल स्रोत नदियों, झरनों या ऊपर के जलस्रोतों की उपलब्धता को प्राथमिकता के आधार पर उपयोग के लिए सर्वे कर जलापूर्ति की जायेगी. सिंचाई के लिए छोटे-छोटे बांध का उपयोग किया जा सकता है. 

 

उन्होंने बताया कि 86 प्रतिशत परिवारों को राशन दिया जा रहा है. अयोग्य या संपन्न परिवारों को उपायुक्त ने चेताया एवं कहा कार्ड सरेंडर करें अन्यथा विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी. डीसी ने बताया जिला में 2000 राशन कार्ड सरेंडर किया जा चुका है. 

 

उन्होंने कहा राशन कार्ड के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है. सब रिकॉर्ड ऑनलाईन है. 20 हजार कृषकों का बीमा राशि भेज रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा सामाजिक आर्थिक गणना में योग्य सभी लाभुकों को योजना का लाभ मिलेगा. 

 

ग्रामीण अपने अधिकार को जाने : किरण

जिला परिषद अध्यक्षा किरण माला बाड़ा ने कहा कि गांव को शहर से जोड़ने के लिए सड़क बना है. यह सबको मानना होगा. परंतु गांव की स्थानीय व व्यक्तिगत समस्या जैसे राशन, पानी, रोजगार की समस्या अभी भी बनी हुई है. उन्होंने कहा अन्य व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान भी सम्भव है. परंतु व्यक्तिगत रूप से जागरूक होकर सरकार की योजनाओं को जाने. 

 

उन्‍होंने कहा कि बच्चों को शिक्षित बनाये. स्कूल भेजे अपने अधिकार को जाने व स्वरोजगार अपनाये. जिला आपूर्ति पदाधिकारी शैलप्रभा कुजूर ने राशन कार्ड की समस्या व राशन कार्ड में नाम जोड़ने हटाने, अयोग्य लाभुकों का कार्ड सरेंडर करने के बारे में जानकारी दी. इसके अलावा सभी विभाग के अधिकारियों ने अपने विभागों से जनता के लिए हो रहे कामों के बारे में बताया.

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