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cricket

  • Jan 19 2019 3:22PM
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वाह कोहली, वाह धौनी, वाह टीम इंडिया

वाह कोहली, वाह धौनी, वाह टीम इंडिया

-अनुज कुमार सिन्हा-

टीम इंडिया के खिलाड़ी ऑस्ट्रेलियासे सर ऊंचा कर, इतिहास रच कर भारत लौट रहे हैं. टेस्ट और वनडे सीरीज दोनों में ऑस्ट्रेलिया को हराया और  आराम से हराया. ऐसा पहली बार हुआ. टी-20 सीरीज ड्रॉ रही हालांकि उसमें भी भारत ही भारी रहा था. शानदार जीत और  शानदार दौरे के लिए कप्तान विराट कोहली और उनकी टीम बधाई के योग्य हैं. वर्ल्ड कप के कुछ माह पहले विदेश की धरती, वह भी ऑस्ट्रेलियाकी धरती पर टेस्ट-वनडे दोनों में जीत से खिलाड़ियों का जो मनोबल बढ़ा है, उसका मनोवैज्ञानिक लाभ आगे के मैचों में टीम इंडिया को मिलेगा. 

पूरी सीरीज से तीन-चार बड़ी बातें सामने आयी हैं. टीम इंडिया मजबूत टीम है. अभी तक सिर्फ बल्लेबाजी में तारीफ होती थी. इस बार भारत की मजबूत तेज गेंदबाजी दिखी है. बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और शमी ने साबित कर दिया कि वे दुनिया के किसी भी विकेट पर कमाल दिखा सकते हैं. भारत को अगर वर्ल्ड कप जीतना है, तो आगे भी इन तीनों को ऐसी ही भूमिक निभानी होगी. ऋषभ पंत ने टेस्ट खास कर अंतिम टेस्ट में जैसी बल्लेबाजी की, उसने एक सवाल जरूर पैदा कर दिया था कि क्या वर्ल्ड कप में वे धौनी का पत्ता काट देंगे. जब वनडे में धौनी की वापसी हुई तो सभी का ध्यान धौनी की ओर था. यह देखना था कि धौनी का जादू बना हुआ है या खत्म हो रहा है. धौनी ने तीनों वनडे में अर्द्धशतक लगाया, दो में नाबाद रहे, फिनिशर की भूमिका अदा की और साबित कर दिया कि उनका अनुभव पंत पर भारी पड़ता है.




धौनी के इस प्रदर्शन ने वर्ल्ड कप में उनकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया है. कुछ आंकड़े इसे और स्पष्ट करेंगे. धौनी ने सिडनी में जब 51 रन बनाने में 96 गेंद खेली तो आलोचना हुई, लेकिन यह देखना होगा कि तब टीम की हालत क्या थी? चार पर तीन विकेट गिर चुके थे. धौनी ने रोहित का साथ दिया, पारी को बनाया और 137 रन की साझेदारी की. यही कारण था कि भारत 254 रन तक पहुंच सका था. दूसरे वनडे में धौनी ने इस गलती को सुधारा, 54 गेंद पर 55 रन बनाये. कोहली के साथ 82 और कार्तिक के साथ 57 रन की साझेदारी कर जीत दिलायी. हालांकि इस मैच में कोहली का शतक था लेकिन धौनी का साथ भी था, इसलिए पता भी नहीं चला कि कैसे टीम इंडिया ने आसानी से 298 रन का पीछा करता हुआ मैच जीत लिया.

धौनी की पहचान फिनिशर की रही है और अंतिम ओवर में छक्का लगा कर वैसा ही किया. तीसरा वनडे अगर भारत जीता तो धौनी के बल पर ही. 87 नाबाद रन. कोहली के साथ 54 और यादव के साथ 121 रन की साझेदारी. टीम को और क्या चाहिए. यानी टीम इंडिया अब असमंजस में नहीं है कि धौनी को रखना चाहिए या नहीं. अगर टेस्ट सीरीज की बात करें पुजारा का कोई जवाब नहीं. उपलब्धि दिखी तो मयंक अग्रवाल की. इस युवा खिलाड़ी ने बेखौफ होकर खेला और बता दिया कि भविष्य का वह बड़ा खिलाड़ी है. असफलता मिली तो ओपनिंग में. मुरली विजय और राहुल का नहीं चलना. लेकिन मैच में यह सब चलता रहता है. अगर ये दोनों खिलाड़ी चलते ही रहते तो मयंक को मौका कैसे मिलता. रोहित ने भी इस दौरे में अपना जलवा दिखाया.

दुर्भाग्य से पृथ्वी और अश्विन घायल हो गये और वे नहीं खेल सके, वरना परिणाम कुछ और होता. भारत के लिए यह दौरा इसलिए और भी सुखद रहा कि टीम इंडिया ने दिखा दिया कि बगैर पृथ्वी और अश्विन के भी भारत सीरीज जीत सकता है. पांड्या को वनडे से बाहर किया गया, अपनी करनी-व्यवहार के कारण. लेकिन वनडे में उनकी कमी नहीं खली. यह बताता है कि टीम इंडिया के पिटारे में कितने बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं. इसलिए चिंता की जरूरत नहीं है. कोहली की कप्तानी और बल्लेबाजी लाजवाब है ही. उत्साह इतना कि मुर्दे में भी जान दे दे. यही कारण है कि ऑस्ट्रेलियाजैसी आक्रामक टीम को उसी की धरती पर हराया. अगर एक नजर टी-20, टेस्ट और वनडे मैचों पर डालें तो पाते हैं कि रिजल्ट भारत के पक्ष में और बेहतर हो सकता था, अगर किस्मत साथ रहती. पहला टी-20 ऑस्ट्रेलियाने सिर्फ चार रन से जीता लेकिन आंकड़ा किसी को समझ में नहीं आया. उसने 17 ओवर में 158 रन बनाये और भारत ने 169 लेकिन जीता ऑस्ट्रेलिया, क्योंकि मैच बाधित हो गया था और भारत चार रन से हारा. दूसरा टी-20 भारत ने जीता और सीरीज 1-1 से बराबर. 

टेस्ट में भारत 2-1 से जीता. सिडनी और मेलबॉर्न भारत ने जीता जबकि पर्थ में ऑस्ट्रेलिया. सिडनी के अंतिम टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया फॉलोआन खेल रहा था और हार के कगार पर था लेकिन बारिश हो गयी. अंतिम दिन एक भी गेंद फेंकी नहीं गयी. वरना टेस्ट सीरीज हम 3-1 से जीतते. जो भी हो, इस दौरे ने साबित कर दिया कि टीम इंडिया और मजबूत दिखेगी जब उसके घायल खिलाड़ी टीम में लौटेंगे. तब समस्या होगी कि किसे टीम में रखा जाये, किसे नहीं. 1981 में जब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया गयी थी और पहला टेस्ट बुरी तरह हार गयी थी तो ग्रेग चैपल का कमेंट था-टीम इंडिया हमारा समय खराब कर रही है. ग्रेग और उन जैसे सोच वाले खिलाड़ियों को कोहली एंड कंपनी ने करारा जवाब दे दिया है.


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