ePaper

Yogi vs Owaisi: 'मुस्लिम धर्म से परेशानी क्यों हो रही है?', योगी के नमाज वाले बयान पर भड़के ओवैसी

Updated at : 01 Apr 2025 2:38 PM (IST)
विज्ञापन
Yogi vs Owaisi

Yogi vs Owaisi

Yogi vs Owaisi: नमाज वाले बयान पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार किया. उन्होंने कहा, हर धर्म के त्योहार सड़क पर मनाए जाते हैं, तो मुस्लिमों के नमाज पर क्यों परेशानी हो रही है. योगी आदित्यनाथ ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में कहा था कि सड़कें नमाज के लिए नहीं, यातायात के लिए हैं.

विज्ञापन

Yogi vs Owaisi: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नमाज को लेकर दिए गए बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- “अभी RSS की परेड सड़क पर हो रही है. क्या वे इसे हवा में कर रहे हैं? जब आप इतने दिनों तक कांवड़ यात्रा चलाते हैं, हर धर्म के त्योहार सड़क पर मनाए जाते हैं और किसी को इससे कोई परेशानी नहीं होती है, तो आपको मुस्लिम धर्म से परेशानी क्यों हो रही है? क्या इस देश में सिर्फ एक ही धर्म है? इस देश की खूबसूरती इसकी विविधता है. आप एक विचारधारा की बात कर रहे हैं और वह विचारधारा RSS की विचारधारा है जो संविधान से टकराती है.”

योगी आदित्यनाथ ने क्या दिया था बयान?

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीटीआई के साथ बातचीत में कहा था, सड़कों पर नमाज अदा करने के खिलाफ मुसलमानों को प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी का बचाव करते हुए कहा है कि सड़कें यातायात के लिए होती हैं. आदित्यनाथ ने मुसलमानों से यह भी कहा कि वे हिन्दुओं से धार्मिक अनुशासन सीखें, जो विशाल महाकुंभ मेले में शामिल हुए लेकिन इस दौरान अपराध, तोड़-फोड़ या उत्पीड़न की कोई घटना नहीं हुई.

योगी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक के आलोचकों पर भी निशाना साधा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई’ से बातचीत के दौरान वक्फ (संशोधन) विधेयक के आलोचकों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, “वक्फ बोर्ड स्वार्थी हितों के साथ-साथ लूट खसोट के अड्डा बन गए हैं और इन्होंने मुसलमानों के कल्याण के लिए बहुत कम काम किया है. योगी आदित्यनाथ ने हिंदू मंदिरों और मठों द्वारा शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में किए गए दान का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या कई गुना अधिक संपत्ति होने के बावजूद किसी वक्फ बोर्ड ने इस तरह का कल्याणकारी कार्य किया है? उन्होंने कहा, “देखिए, हर अच्छे कार्य का विरोध होता है. वैसे ही वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हो-हल्ला हो रहा है. ये जो हो-हल्ला कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या कोई ऐसा कल्याणकारी काम है जो वक्फ बोर्ड के माध्यम से किया गया हो? सारे समाज की बात तो छोड़िए, क्या वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल मुसलमानों के कल्याण के लिए किया गया है?”

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola