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Varanasi: बनारस में नहीं होता इन 5 शवों का अंतिम संस्कार, श्मशान से लौटा दी जाती है बॉडी

Updated at : 15 Apr 2025 11:10 AM (IST)
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cremation in Varanasi

cremation in Varanasi

Varanasi: क्या आप जानते हैं कि काशी में कुछ खास लाशों को क्यों नहीं जलाया जाता? जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यताएं.

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Varanasi: भारत में धार्मिक आस्था का बहुत गहरा प्रभाव है, और इसी वजह से देशभर में अनेक तीर्थस्थल मौजूद हैं. हर तीर्थ स्थान की अपनी अलग पहचान, महत्व और मान्यता होती है. लोग अपने कष्टों, पापों या रोगों से छुटकारा पाने के लिए विशेष तीर्थ स्थलों का रुख करते हैं. इन्हीं में से एक है काशी, जिसे मोक्षदायिनी नगरी कहा जाता है. मान्यता है कि काशी में मृत्यु प्राप्त करने वाले को मोक्ष मिलता है और वह सीधे बैकुंठ की यात्रा करता है. यही कारण है कि बहुत से लोग अपने जीवन के अंतिम समय में काशी में आकर बस जाते हैं.

काशी के श्मशान घाटों की बात करें तो यहां चिता कभी बुझती नहीं है. मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट जैसे स्थानों पर दिन-रात शवों का अंतिम संस्कार होता रहता है. लेकिन बहुत कम लोगों को यह जानकारी होगी कि काशी में पांच तरह की लाशों को जलाने की अनुमति नहीं होती. हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक नाविक के वीडियो में इस रहस्य से पर्दा उठाया गया. नाविक ने बताया कि काशी में साधु-संतों, 12 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, सर्पदंश से मरे लोगों और कुष्ठ या चर्म रोग से पीड़ित मृतकों का दाह संस्कार नहीं किया जाता.

dead bodies cremation in Varanasi
काशी में शव के अंतिम संस्कार का फोटो

साधु-संतों को जलाने की बजाय उन्हें जल समाधि या थल समाधि दी जाती है. बच्चों को भगवान का स्वरूप मानकर उनकी बॉडी को जलाना अशुभ माना जाता है. गर्भवती महिलाओं के शरीर में पल रहे भ्रूण की वजह से चिता पर पेट फटने की संभावना होती है, जिससे दृश्य अशोभनीय हो सकता है. सांप के काटे व्यक्ति की लाश को भी नहीं जलाया जाता क्योंकि मान्यता है कि उनके शरीर में कुछ समय तक प्राण रहते हैं और तांत्रिक उन्हें जीवित कर सकता है. वहीं, कुष्ठ रोगियों की बॉडी जलाने से रोग फैलने की आशंका मानी जाती है. ये सभी मान्यताएं स्थानीय धार्मिक परंपराओं और आस्थाओं पर आधारित हैं. 

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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