India And Canada Tension: क्या है फाइव आइज? भारत-कनाडा विवाद के बीच क्यों हो रहा ट्रेंड
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 24 Sep 2023 11:07 AM
कनाडा के साथ ‘फाइव आइज’ सहयोगियों द्वारा खुफिया जानकारी साझा करने के बारे में किसी भी अमेरिकी सरकारी अधिकारी द्वारा यह पहली स्वीकारोक्ति है. इससे पहले मामले को लेकर कई अनौपचारिक और गैर-आधिकारिक खबरें आ रही थीं.
खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच विवाद गहराता जा रहा है. दोनों देशों के बीच राजनयीक रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे हैं. विवाद के बीच ‘फाइव आइज’की जमकर चर्चा हो रही है. अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक ने पहली बार स्वीकार किया और पुष्टि की है कि ‘फाइव आइज’ के साझेदारों के बीच खुफिया जानकारी साझा की गई थी, जिसने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को एक खालिस्तानी अलगाववादी की कनाडा की धरती पर हुई हत्या में भारतीय एजेंट के कथित तौर पर संलिप्त रहने का आरोप लगाने को प्रेरित किया.
क्या है फाइव आइज?
‘फाइव आइज’ नेटवर्क एक खुफिया तंत्र गठबंधन है जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड शामिल हैं. यह निगरानी-आधारित और सिग्नल इंटेलिजेंस (एसआईजीआईएनटी) दोनों तरह की जानकारी साझा करता है.
फाइव आइजे को लेकर पहली बार अमिरकी अधिकारी का बयान आया सामने
कनाडा के साथ ‘फाइव आइज’ सहयोगियों द्वारा खुफिया जानकारी साझा करने के बारे में किसी भी अमेरिकी सरकारी अधिकारी द्वारा यह पहली स्वीकारोक्ति है. इससे पहले मामले को लेकर कई अनौपचारिक और गैर-आधिकारिक खबरें आ रही थीं.
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कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो ने भारत पर क्या लगाया आरोप
गौरतलब है कि ट्रूडो ने 18 सितंबर को ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ संलिप्तता का आरोप लगाया था.
भारत ने कनाडा के पीएम के आरोप को किया खारिज, बताया बेतुका
भारत ने कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो के आरोपों को ‘बेतुका’ और ‘प्रेरित’ बताते हुए खारिज कर दिया. इस मामले में कनाडा द्वारा एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित किए जाने के जवाब में एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया. भारत ने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था.
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भारत-कनाडा में जारी राजनयिक विवाद के बीच एनआइए की कार्रवाई
एनआइए ने खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की चंडीगढ़ और अमृतसर में अचल संपत्तियां शनिवार को कुर्क कर लीं. पन्नू प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) का मुखिया है. वह कनाडा और दूसरे देशों से लगातार भारत विरोधी काम करता है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पन्नू के चंडीगढ़ स्थित आवास के बाहर और अमृतसर में एक कृषि भूमि के पास संपत्ति जब्त करने संबंधी नोटिस लगाया गया है. यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत की गयी है. बता दें कि कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को हुई सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत और कनाडा के बीच जारी राजनयिक विवाद के बीच एनआइए ने यह कार्रवाई की है. निज्जर की हत्या के बाद पन्नू ने कनाडा में रहने वाले हिंदुओं को धमकी दी थी और उन्हें देश छोड़ कर भारत जाने को कहा था. हाल में पन्नू को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आतंकवादी घोषित किया था.
कुख्यात हेरनवाला का सहयोगी था निज्जर
खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाने और टेरर फंडिंग में शामिल था. वह कुख्यात गुरदीप सिंह उर्फ दीपा हेरनवाला का सहयोगी था. हेरनवाला 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में लगभग 200 लोगों की हत्या में शामिल था. हेरनवाला प्रतिबंधित खालिस्तान कमांडो फोर्स से जुड़ा हुआ था.
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