Weather Updates: हिमाचल प्रदेश में बारिश से तबाही! 55 लोगों की मौत, उत्तराखंड में भी हाहाकार

Edited by Pritish Sahay
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Weather Updates: बीते कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और जगह-जगह हो रहे भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तबाही मची है. भूस्खलन, बादल फटने और भारी बारिश के कारण मकान ढहने जैसी घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 55 हो गयी है

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Weather Updates: हिमाचल प्रदेश लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन बुरी तरह बाधित है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तेज बारिश को लेकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में दोनों प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से हिमाचल और उत्तराखंड में लगातार बारिश हो रही है. हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के सीएम सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन, बादल फटने और भारी बारिश के कारण मकान ढहने जैसी घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 55 हो गयी है. वहीं, बताया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

शिमला में भी बढ़ी मृतकों की संख्या
इधर,  शिमला में शिव मंदिर से मंगलवार को एक और शव बरामद हुआ है. इसके बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है. बता दें, समर हिल और फागली में भूस्खलन के बाद मिले शवों की संख्या बढ़कर 15 हुई है, वहीं 10 से अधिक लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. इधर, हादसे के बाद से ही राहत और बचाव कार्य जारी है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) समेत सेना ने सुबह करीब छह बजे समरहिल में बचाव अभियान फिर से शुरू किया है. गौरतलब है कि शिव मंदिर में सुबह करीब सवा सात बजे जब भूस्खलन हुआ तो सावन महीने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां मौजूद थे. यहां समर हिल के समीप भूस्खलन की चपेट में 50 मीटर लंबा पुल आ जाने के कारण, यूनेस्को विश्व धरोहर शिमला-कालका रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त हो गयी.

बारिश और भूस्खलन से मची है हिमाचल प्रदेश में तबाही
बीते कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और जगह-जगह हो रहे भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तबाही मची है. इसी कड़ी में स्टेशन मास्टर जोगिंदर सिंह ने कहा कि शिमला से करीब छह किलोमीटर पहले समर हिल के पास कंक्रीट का पुल पूरी तरह नष्ट हो गया. इसके अलावा पांच से छह जगहों पर रेल मार्ग को काफी क्षति पहुंची है. सबसे ज्यादा नुकसान शिमला और शोगी के बीच हुआ है. इसके अलावा राज्य में 12 में से 11 जिलों में 857 सड़कों पर यातायात अवरुद्ध है और 4285 ट्रांसफार्मर और 889 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हैं. राज्य आपात अभियान केंद्र के अनुसार, 22 जून से 14 अगस्त तक मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश को 7171 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. राज्य में मानसून के दौरान बादल फटने तथा भूस्खलन की कुल 170 घटनाएं हुई हैं और करीब 9,600 मकान आंशिक रूप से या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

वहीं होगा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण 15 अगस्त को भी विशेष कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया. सीएम सुक्खू ने पूर्व संध्या पर ही कहा था कि राज्य में  15 अगस्त को सांस्कृतिक समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा. बारिश के कारण सादे समारोह का आयोजन किया गया. बीते दिनों से जारी बारिश के कारण कई इलाकों में तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है. वहीं, भारी बारिश के कारण प्रदेश के सभी स्कूल और कॉलेज को भी बीते दिन सोमवार को बंद रखा गया था. राज्य के आपात अभियान केंद्र के अनुसार, आपदा के कारण राज्य में 752 सड़कें बंद कर दी गयी हैं. कई जगहों पर भूस्खलन की भी रिपोर्ट आयी है.

उत्तराखंड के इलाकों में बारिश का कहर देखने को मिल रहा है. मूसलाधार बारिश के कारण चारधाम यात्रा 15 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गयी है. वहीं, बारिश और विभिन्न बारिश गतिविधियों के कारण पांच लोगों की मौत हो गई है. वहीं, नौ अन्य लोग लापता हो गए हैं. लगातार बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई सड़कें भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गयी तथा गंगा सहित प्रदेश की छोटी-बड़ी नदियां उफान पर आ गई जिससे बने बाढ़ जैसे हालात के चलते नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, मदमहेश्वर पैदल मार्ग पर राशि गौंडार पुल टूटने की सूचना है जिसके कारण वहां 100 से 150 यात्री फंस गए हैं.

भाषा इनपुट से साभार

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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