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उपराष्ट्रपति चुनाव के नंबर गेम में NDA की मजबूत पकड़, फिर भी विपक्ष से समर्थन की मांग, जानें चुनावी गणित

Updated at : 18 Aug 2025 11:55 AM (IST)
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Vice President Election

Vice President Election: उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है. TDP, JDU और जन सेना का समर्थन भी मिल चुका है. NDA के पास बहुतम से ज्यादा सांसदों का साथ है. फिर भी सरकार विपक्ष से क्यों समर्थन की मांग कर रही है?

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Vice President Election: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपना पत्ता खोल दिया है. रविवार को भारतीय जनता पार्टी ने संसदीय दलों की बैठक में आगामी चुनाव के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के उम्मीदवारी का ऐलान किया है. राधाकृष्णन की उम्मीदवारी पर NDA के तीन सहयोगी पार्टियों TDP, JDU और पवन कल्याण की जन सेना ने समर्थन भी दे दिया है.

विपक्ष से समर्थन की मांग

दूसरी तरफ INDIA ब्लॉक की तरफ से अभी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की गई है. हालांकि, बीजेपी की तरफ से विपक्ष से समर्थन की मांग की गई है. लेकिन अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है. ऐसे में चुनावी समीकरण और नंबर गेम उपराष्ट्रपति के चुनाव को और भी दिलचस्प बना दिया है.

उपराष्ट्रपति चुनाव का ये है नंबर गेम

उपराष्ट्रपति चुनने के लिए लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के वोट की जरूरत होती है. दोनों सदनों को मिलाकर कुल 782 सांसद हैं, जिनमें 542 लोकसभा के और 240 राज्यसभा के शामिल हैं. इस दौरान बहुमत के लिए 382 सांसदों की जरूरत हैं. ऐसे में अभी तो पलड़ा NDA का ही भारी दिखाई पड़ रहा है, क्योंकि लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 134 को मिलाकर कुल 427 सांसदों का समर्थन हासिल बताया जा रहा है. वहीं बात करें INDIA ब्लॉक की तो विपक्ष के पास लोकसभा के 249 और राज्यसभा के 106 को मिलाकर कुल 355 सांसद हैं. लेकिन इसमें से 133 वोट अभी किसी के पक्ष में नहीं दिखाई दे रहे हैं. यही वोट चुनाव को निर्णायक साबित कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें- CP Radhakrishnan: कौन हैं सीपी राधाकृष्णन? जिन्हें NDA ने बनाया है उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

पक्ष-विपक्ष की चुनावी गणित

सांसदों का नंबर गेम देखें तो NDA के पास मजबूत बढ़त हासिल है, क्योंकि उनके पास कुल 427 सांसद हैं. कयास यह भी लगाया जा रहा है कि क्रॉस वोटिंग हो सकती है, जिसकी वजह से सत्तारूढ़ NDA के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति बनाने में और ज्यादा आसानी होगी. खास बात यह है कि क्या विपक्ष उपराष्ट्रपति के चुनाव में एकजुट रह पाता है.

INDIA ब्लॉक के अलग-थलग की संभावना

NDA ने उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में सी.पी. राधाकृष्णन के नाम का ऐलान कर गेंद अपने पाले में पहले से ही कर लिया है. रअसल, राधाकृष्णन मूल रूप से तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के निवासी हैं, जिसकी वजह से यह कयास लगाया जा रहा है कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी DMK उनकी उम्मीदवारी को समर्थन दे सकते हैं, क्योंकि अगर सीएम स्टालिन उनका समर्थन नहीं करते हैं, तो उन्हें क्षेत्रीय राजनीति में नुकसान हो सकता है. ऐसे में INDIA ब्लॉक की पार्टी अलग-थलग दिखाई पड़ सकती है.

सरकार की चुनाव को निर्विरोध कराने की कोशिश

उपराष्ट्रपति चुनाव की जिम्मेदारी NDA की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंपी गई हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को चुनाव एजेंट नियुक्त किया गया है. सरकार की कोशिश सी.पी. राधाकृष्णन को निर्विरोध कराने का है, क्योंकि उम्मीदवारी के ऐलान के बाद राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को फोन कर समर्थन की मांग की थी. ऐसे में अगर राधाकृष्णन निर्विरोध चुने जाते हैं, तो यह 5वीं बार होगा.

4 बार निर्विरोध चुने गए उपराष्ट्रपति

गौरतलब है कि आजादी के बाद देश में उपराष्ट्रपति के लिए कुल 16 बार चुनाव हो चुके हैं. इस दौरान 4 बार उपराष्ट्रपति को निर्विरोध चुना गया है, जिनमें दो बार डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. जाकिर हुसैन और मोहम्मद हिदायतुल्लाह का नाम शामिल है.

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Shashank Baranwal

लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

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