Video: पानी की तेज धार…रस्सी बनी सहारा, रेस्क्यू ऑपरेशन का दिल दहलाने वाला वीडियो आया सामने
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 10 Aug 2025 9:40 PM
Uttarkashi Rescue Operation
Uttarkashi Rescue Operation: उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने के बाद जो तबाही हुई है, रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. अब तक हादसे में 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग लापता है. राहत और बचाव कार्य युद्ध गति से चलाया जा रहा है. इस बीच रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह जान जोखिम में डालकर जवान राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं.
Uttarkashi Rescue Operation: उत्तरकाशी में चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सामने आया है, उसमें देखा जा सकता है, तेज धारा के बीच जवान रस्सी के सहारे एक छोर से दूसरे छोर पार कर रहे हैं. दरअसल वीडियो में दिख रहे शख्स यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के कर्मचारी हैं. जो आपदा प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं. वीडियो इतना डरावना है कि जब आप देखेंगे, तो भय से दिल दहल उठेगा.
उत्तरकाशी में कनेक्टिविटी के तैयार हो रहा बेली पुल
धराली सहित उत्तरकाशी के आपदाग्रस्त क्षेत्रों से संपर्क बहाल करने के लिए गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी के आगे लिम्चागाड़ के पास बन रहे महत्वपूर्ण बेली पुल का निर्माण कार्य रविवार को पूरा होने की उम्मीद है. उधर, धराली में मलबे के ढेर में लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव एवं राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है. बेली पुल एक ऐसा पुल होता है जिसे पहले से तैयार पुर्जों को जोड़कर जल्दी से बनाया जा सकता है.
#WATCH | Uttarkashi, Uttarakhand: UPCL (Uttarakhand Power Corporation Limited) workers work under difficult circumstances to restore power supply in the disaster-affected area.
— ANI (@ANI) August 10, 2025
(Video: State Information Department) pic.twitter.com/lYl9lbOGTt
घोड़े और खच्चरों की मदद से खाद्य-सामग्री पहुंचाई जा रही
अधिकारियों ने बताया कि सोनगाड़, डबरानी, हर्षिल और धराली आदि स्थानों पर अवरुद्ध गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को सुचारू करने का प्रयास युद्धस्तर पर किया जा रहा है. प्रदेश के गृह सचिव शैलेश बगौली ने अधिकारियों को धराली में प्रतिदिन 2000 लीटर डीजल तथा प्रभावित लोगों के लिए रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया कि जब तक सड़कों की मरम्मत नहीं हो जाती और उनका संचालन शुरू नहीं होता तब तक प्रभावित लोगों तक खाद्य तथा अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के लिए घोड़े और खच्चरों का उपयोग किया जा रहा है.
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सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर राहत कार्य में जुटा
मातली हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के जरिए बड़ी मात्रा में खाद्य एवं राहत सामग्री हर्षिल हेलीपैड तक भेजी जा रही है और वापसी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मातली लाया जा रहा है. सात अगस्त को बचाव अभियान शुरू होने के बाद से हेलीकॉप्टर 260 से अधिक चक्कर लगा चुके हैं और शनिवार तक 1000 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला जा चुका है. मातली हेलीपैड से आठ हेलीकॉप्टर संचालित किए जा रहे हैं. इसके अलावा, सेना के चिनूक, एमआई-17, एएलएच-1 और चीता हेलीकॉप्टर चिन्यालीसौड़ हवाईपट्टी से बचाव अभियान संचालित कर रहे हैं.
हाईटेक तकनीक से मलबे में लापता लोगों की हो रही तलाश
बाढ़ग्रस्त धराली में मलबे में लापता लोगों की तलाश का काम राज्य आपदा प्रतिवादन बल के खोजी कुत्तों और ‘विक्टिम लोकेटिंग’ व ‘थर्मल इमेजिंग’ कैमरा जैसे अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से जारी है. खीर गंगा नदी में पांच अगस्त को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण धराली में मची तबाही में कई होटल और मकान जमींदोज हो गए थे. जिला प्रशासन ने अब तक चार लोगों की मौत और कई अन्य के लापता होने की पुष्टि की है.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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