Video: पानी की तेज धार…रस्सी बनी सहारा, रेस्क्यू ऑपरेशन का दिल दहलाने वाला वीडियो आया सामने

Uttarkashi Rescue Operation
Uttarkashi Rescue Operation: उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने के बाद जो तबाही हुई है, रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. अब तक हादसे में 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग लापता है. राहत और बचाव कार्य युद्ध गति से चलाया जा रहा है. इस बीच रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह जान जोखिम में डालकर जवान राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं.
Uttarkashi Rescue Operation: उत्तरकाशी में चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सामने आया है, उसमें देखा जा सकता है, तेज धारा के बीच जवान रस्सी के सहारे एक छोर से दूसरे छोर पार कर रहे हैं. दरअसल वीडियो में दिख रहे शख्स यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के कर्मचारी हैं. जो आपदा प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं. वीडियो इतना डरावना है कि जब आप देखेंगे, तो भय से दिल दहल उठेगा.
उत्तरकाशी में कनेक्टिविटी के तैयार हो रहा बेली पुल
धराली सहित उत्तरकाशी के आपदाग्रस्त क्षेत्रों से संपर्क बहाल करने के लिए गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी के आगे लिम्चागाड़ के पास बन रहे महत्वपूर्ण बेली पुल का निर्माण कार्य रविवार को पूरा होने की उम्मीद है. उधर, धराली में मलबे के ढेर में लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव एवं राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी है. बेली पुल एक ऐसा पुल होता है जिसे पहले से तैयार पुर्जों को जोड़कर जल्दी से बनाया जा सकता है.
#WATCH | Uttarkashi, Uttarakhand: UPCL (Uttarakhand Power Corporation Limited) workers work under difficult circumstances to restore power supply in the disaster-affected area.
— ANI (@ANI) August 10, 2025
(Video: State Information Department) pic.twitter.com/lYl9lbOGTt
घोड़े और खच्चरों की मदद से खाद्य-सामग्री पहुंचाई जा रही
अधिकारियों ने बताया कि सोनगाड़, डबरानी, हर्षिल और धराली आदि स्थानों पर अवरुद्ध गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को सुचारू करने का प्रयास युद्धस्तर पर किया जा रहा है. प्रदेश के गृह सचिव शैलेश बगौली ने अधिकारियों को धराली में प्रतिदिन 2000 लीटर डीजल तथा प्रभावित लोगों के लिए रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया कि जब तक सड़कों की मरम्मत नहीं हो जाती और उनका संचालन शुरू नहीं होता तब तक प्रभावित लोगों तक खाद्य तथा अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के लिए घोड़े और खच्चरों का उपयोग किया जा रहा है.
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सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर राहत कार्य में जुटा
मातली हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के जरि�� बड़ी मात्रा में खाद्य एवं राहत सामग्री हर्षिल हेलीपैड तक भेजी जा रही है और वापसी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मातली लाया जा रहा है. सात अगस्त को बचाव अभियान शुरू होने के बाद से हेलीकॉप्टर 260 से अधिक चक्कर लगा चुके हैं और शनिवार तक 1000 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला जा चुका है. मातली हेलीपैड से आठ हेलीकॉप्टर संचालित किए जा रहे हैं. इसके अलावा, सेना के चिनूक, एमआई-17, एएलएच-1 और चीता हेलीकॉप्टर चिन्यालीसौड़ हवाईपट्टी से बचाव अभियान संचालित कर रहे हैं.
हाईटेक तकनीक से मलबे में लापता लोगों की हो रही तलाश
बाढ़ग्रस्त धराली में मलबे में लापता लोगों की तलाश का काम राज्य आपदा प्रतिवादन बल के खोजी कुत्तों और ‘विक्टिम लोकेटिंग’ व ‘थर्मल इमेजिंग’ कैमरा जैसे अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से जारी है. खीर गंगा नदी में पांच अगस्त को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण धराली में मची तबाही में कई होटल और मकान जमींदोज हो गए थे. जिला प्रशासन ने अब तक चार लोगों की मौत और कई अन्य के लापता होने की पुष्टि की है.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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