'बाबा साहब के संविधान में ST-SC के आरक्षण में क्रीमी लेयर के लिए कोई प्रावधान नहीं', कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला

Published by : Pritish Sahay Updated At : 10 Aug 2024 7:26 AM

विज्ञापन

Broadcasting Bill| ANI, X

SC ST Reservation: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को कहा है कि बाबा साहब के दिए संविधान में एससी और एसटी के आरक्षण में क्रीमी लेयर के लिए कोई प्रावधान नहीं है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा मंत्रिमंडल की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया फैसले पर चर्चा के बाद यह फैसला किया गया है.

विज्ञापन

SC ST Reservation: एससी-एसटी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आज यानी शुक्रवार को मोदी कैबिनेट बैठक हुई. बैठक में फैसला किया गया कि संविधान के तहत जो आरक्षण दिया जा रहा था उसे ही जारी रखा जाएगा. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद यह जानकारी दी. सोशल मीडिया पर उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मोदी कैबिनेट ने अनुसूचित जाति-जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर के सुप्रीम कोर्ट के सुझाव को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान के प्रति मोदी सरकार प्रतिबद्ध है.

कैबिनेट में की गई चर्चा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को लेकर जो बातें कही हैं उसको लेकर कैबिनेट में विचार-विमर्श किया गया है. उन्होंने कहा कि एनडीए बाबा साहब के बनाए गए संविधान के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है. संविधान में क्रीमी लेयर का कोई प्रावधान नहीं है. उन्होंने कहा कि कैबिनेट में फैसला किया गया है कि बाबा साहब के संविधान के अनुसार ही एससी और एसटी का आरक्षण जारी रहेगा.

बीजेपी के ST/SC सांसद पीएम मोदी से मिले, क्रीमी लेयर पर SC की व्यवस्था पर जताई चिंता
वहीं भारतीय जनता पार्टी के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बीच क्रीमी लेयर की पहचान करने पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर चिंता जाहिर की. बैठक के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आज एससी/एसटी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. एससी/एसटी समुदायों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता और संकल्प को दोहराया.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था
बता दें, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीआर गवई ने एक अगस्त को कहा था कि राज्यों को एससी और एसटी के बीच क्रीमी लेयर की पहचान करने के लिए एक नीति बनानी चाहिए और उन्हें आरक्षण के लाभ से वंचित करना चाहिए. प्रतिनिधिमंडल में शामिल बीजेपी के राज्यसभा सदस्य सिकंदर कुमार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि हम सभी सुप्रीम कोर्ट व्यवस्था से चिंतित थे. हमें इस मामले पर चिंता व्यक्त करने वाले लोगों के फोन आ रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि एससी और एसटी का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार सुबह पीएम मोदी से मुलाकात की थी और इस संबंध में अपनी चिंता भी जाहिर की थी. भाषा इनपुट से साभार

Also Read: Bangladesh Violence: भारत बांग्लादेश सीमा पर जमा हुए हजारों हिन्दू, जानें जीरो प्वाइंट पर क्यों लगी है भीड़

रूसी इलाके में घुसे 1000 से ज्यादा यूक्रेनी सैनिक, छिड़ी है भयंकर जंग, देखें वीडियो

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola