Sunita Williams : सुनीता विलियम्स का बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट कैंसिल, जानें वजह
Sunita williams/ file photo
Sunita Williams : भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट कैंसिल हो गया है. तकनीकी खराबी के कारण इसे रद्द करना पड़ा.
Sunita Williams : भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट कैंसिल हो गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक नया अंतरिक्ष यान बोइंग स्टारलाइनर, जो अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स के साथ मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए अपने पहले चालक दल के प्रक्षेपण के लिए निर्धारित था, उसमें कुछ तकनीकी खराबी आ गई. इस वजह से इसे स्थगित कर दिया गया.
अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार, इस स्पेसक्राफ्ट को भारतीय समयानुसार सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर लॉन्च किया जाना था. कैनेडी स्पेस सेंटर से इसकी लॉन्चिंग तय थी. बोइंग स्टारलाइनर के जरिए पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस ले जाया जा रहा था, लेकिन इसकी लॉन्चिंग के ठीक पहले इसमें कुछ खराबी आ गई. इससे पहले 2019 में Boe-OFT और 2022 में Boe-OFT2 लॉन्च किया जा चुका है.
सुनीता विलियम्स के बारे में जानें
- सुनीता विलियम्स के पिता दीपक पांड्या की बात करें तो वे 1958 में अहमदाबाद से अमेरिका जाकर बस गए थे.
- 1965 में सुनीता विलियम्स का जन्म हुआ.
- सुनीता विलियम्स 1987 में यूएस नेवल एकेडमी से ग्रैजुएट करने के बाद नासा पहुंचीं.
- 1998 में नासा की ओर से सुनीता विलियम्स को एस्ट्रोनॉट चुना गया.
- अमेरिकी नेवल एकेडमी से ग्रैजुएट सुनीता लड़ाकू विमान भी उड़ातीं नजर आ चुकीं हैं.
सुनीता विलियम्स ने कर ली थी पूरी तैयारी
भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 58 साल की उम्र में बतौर पायलट तीसरी बार अंतरिक्ष की उड़ान भरने की पूरी तैयारी कर चुकीं थीं. वह बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से उड़ान भरने वालीं थी, जिसे फ्लोरिडा में केप केनवेरल के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से छोड़ा जाने वाला था. ‘ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन’ (बीबीसी) ने विलियम्स के हवाले से कहा था कि वह सभी तैयारी कर चुकीं हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










