सहरसा का बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर, जहां सच्चे मन से मांगी हर मुराद होती है पूरी

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बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर

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Aaj Ka Darshan: सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के काठो गांव स्थित बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर आस्था, शिवभक्ति और लोकविश्वास का ऐसा केंद्र है, जहां दूर-दराज से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती.

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सहरसा से विनय कुमार मिश्र की विशेष रिपोर्ट

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Aaj Ka Darshan: सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत काठो गांव स्थित बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर वर्षों से शिवभक्तों की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है. धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि बाबा मटेश्वरनाथ के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता.

मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को शांति, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है. सुबह की आरती से लेकर शाम की पूजा तक यहां भक्तों की आवाजाही बनी रहती है. ग्रामीणों के अनुसार बाबा की कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.

स्वयंभू शिवलिंग को लेकर है गहरी आस्था

बाबा मटेश्वर धाम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राचीनता और इससे जुड़ी लोकमान्यताएं हैं. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू स्वरूप में प्रकट हुआ था. तभी से यहां पूजा-अर्चना का सिलसिला लगातार जारी है.

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ बाबा मटेश्वरनाथ की पूजा करने पर मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं. यही कारण है कि आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.

Aaj Ka Darshan: सावन और महाशिवरात्रि में उमड़ता है जनसैलाब

सावन माह और महाशिवरात्रि के दौरान बाबा मटेश्वर धाम का दृश्य अत्यंत भव्य और भक्तिमय हो जाता है. मुंगेर जिले के छर्रापट्टी से श्रद्धालु गंगाजल लेकर यहां पहुंचते हैं और पूरे सावन महीने बाबा का जलाभिषेक करते हैं. इस दौरान हजारों शिवभक्त मंदिर परिसर में जुटते हैं.

महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है. मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा-अर्चना संपन्न होती है.

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धार्मिक पर्यटन के रूप में उभर रहा मटेश्वर धाम

स्थानीय लोगों के अनुसार बाबा मटेश्वर धाम अब धार्मिक पर्यटन के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है. यहां आने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ ग्रामीण संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण का भी अनुभव करते हैं.

मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों के कारण हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है. शाम की आरती के दौरान बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु शामिल होकर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

भक्तों का विश्वास है कि बाबा मटेश्वरनाथ के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर प्रार्थना स्वीकार होती है और कोई भी भक्त यहां से निराश नहीं लौटता.

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