India-China Clash: क्यों सियोम ब्रिज के नाम से चिढ़ जाता है चीन ? जानें भारतीय जवानों को क्या होगा लाभ

Anjaw: A file photo shows the Indian army personnel carring out drills at Kibithu close to the Line of Actual Control (LAC) in Anjaw district of Arunachal Pradesh on Thursday. As per the military sources said on Monday, Dec. 12, 2022, Indian and Chinese soldiers clashed at a location along the Line of Actual Control (LAC) in the Tawang sector of Arunachal Pradesh on December 9. (PTI Photo)(PTI12_12_2022_000309B)
India-China Clash: इन पुलों के अलावा राजनाथ सिंह छह अन्य बॉर्डर रोड प्रोजेक्ट्स का भी आज उद्घाटन करने वाले हैं. बीआरओ (BRO) की मानें तो, इन 22 पुलों में सियांग जिले के सियाम ब्रिज सहित कुल 04 पुल अरुणाचल प्रदेश में तैयार किये गये हैं जानें क्या होगा इसका फायदा
India-China Clash Updates: पिछले दिनों तवांग में चीन के साथ भारतीय जवानों की झड़प हुई थी जिसके बाद पहली बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) आज अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर पहुंचेंगे. इस दौरान रक्षा मंत्री एलएसी (LAC) से सटे सियांग इलाके में बीआरओ (BRO) के एक अहम पुल के उद्घाटन करने वाले हैं. अरुणाचल प्रदेश के कुल चार सीमावर्ती पुलों का उद्घाटन किया जाएगा जो भारत के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है. बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की मानें तो, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सियोम ब्रिज के उद्घाटन समारोह में खुद सिंयाग में रहेंगे. रक्षा मंत्री देशभर के कुल 22 सीमावर्ती पुलों का ई-उद्घाटन आज करने वाले हैं. आइए जानते हैं आखिर क्यों महत्वपूर्ण है सियोम ब्रिज..
सियोम ब्रिज क्यों है भारत के लिए खास
सियोम नदी के ऊपर बना ये ब्रिज भारत के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसका इस्तेमाल करके भारतीय सेना अपने जवानों को आसानी से एलएसी पर तैनात करने में सक्षम हो जाएगी. इस ब्रिज की बात करें तो ये 100 मीटर लंबा है. सियोम ब्रिज की जब-जब बात आती है तो चीन चिढ़ जाता है. यहां चर्चा कर दें कि बीआरओ ने पिछले पांच सालों में अरुणाचल प्रदेश में 3.97 किमी सड़क का निर्माण किया है.
एलएसी पर बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत
पहले पूर्वी लद्दाख और अब अरूणाचल प्रदेश में चीन की पीएलए सेना और भारतीय सेना के बीच तनाव व्याप्त है. इस बीच बीआरओ एलएसी पर बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का भरकस प्रयास कर रहा है. ऐसा इसलिए ताकि सेना की आवाजाही में लग रहे वक्त और दिक्कत को कम किया जा सके. यही नहीं सीमा पर रहने वाले स्थानीय लोगों को भी पुल और सड़कों का लाभ मिल रहा है जिससे उनका जनजीवन आसान होता जा रहा है.
बीआरओ की मानें तो, बीते साल यानि 2022 में चीन और पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर कुल 103 परियोजनाओं को पूरा करने का काम किया गया है. इनमें 67 पुल, 30 सड़कें, 02 हेलीपेड, 01 कार्बन आवास का निर्माण किया गया हैं.
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By Amitabh Kumar
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