Sambhal Survey: एएसआई ने गुपचुप तरीके से किया 5 तीर्थ और 19 कूपों का निरीक्षण, जल्द सौंपी जाएगी रिपोर्ट

Published by : Pritish Sahay Updated At : 20 Dec 2024 6:44 PM

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संभल में हुए सर्वे की तस्वीर

Sambhal Survey: उत्तर प्रदेश स्थित संभल में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने 24 जगहों पर सर्वे किया है. ASI की टीम ने गुपचुप तरीके से सर्वे किया. सर्वे के दौरान टीम ने 5 तीर्थ और 19 कूपों का निरीक्षण किया.

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Sambhal Survey: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की चार सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को यूपी के संभल में हाल ही में खोजे गए श्री कार्तिक महादेव मंदिर, पांच तीर्थस्थलों और 19 कूपों का सर्वेक्षण किया. ASI की टीम ने गुपचुप तरीके से सर्वे किया. संभल के डीएम डॉ राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि ‘एएसआई की 4 सदस्यीय टीम ने संभल में 5 तीर्थ और 19 कुओं का निरीक्षण किया. जो नया मंदिर मिला है उसका निरीक्षण किया गया. टीम ने बताया कि 8 से 10 घंटे तक सर्वे का काम हुआ.’ डीएम पेंसिया ने कहा कि एएसआई अपनी रिपोर्ट जल्द हमें सौंपेगी. उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 24 क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया गया है.

गुपचुप तरीके से हुआ सर्वे

सर्वे टीम ने क्षेत्र में मौजूद 19 प्राचीन कूपों की स्थिति और ऐतिहासिक महत्व का गहन अध्ययन किया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एएसआई ने इस निरीक्षण के दौरान मीडिया को दूर रखने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई थी. जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि “इन कुओं में चतुर्मुख कूप, मोक्ष कूप, धर्म कूप समेत 19 कुओं और भद्रक आश्रम, स्वर्गदीप और चक्रपाणि समेत पांच तीर्थ स्थलों का सर्वेक्षण किया गया. इसके साथ ही कार्तिक महादेव मंदिर का भी एएसआई ने सर्वेक्षण किया है. हमने इन सभी स्थानों की पहले ही माप कर ली थी लेकिन एएसआई ने आज सर्वेक्षण किया.”

कैसे मंदिर का पता चला?

संभल अतिक्रमण रोधी अभियान और बिजली चोरी के खिलाफ अभियान के दौरान कार्तिकेय महादेव मंदिर के बारे में जानकारी मिली थी. इसके बाद करीब 46 साल से बंद मंदिर को खोला गया. वहीं पूजा आरती की गई. बड़ी संख्या में रद्धालुओं का जुटान हुआ. मंदिर के पास ही एक कुएं का भी पता चला. संभल के डीएम डॉ राजेंद्र पेंसिया ने मंदिर का पता लगने के बाद कहा था कि ‘मंदिर के पास एक ‘कूप’ (कुआं) मिला है. इसे 400-500 साल पुराना बताया जा रहा है. वहीं खुदाई में एक माता पार्वती की खंडित मूर्ति मिली थी. उसके बाद दो और मूर्तियां मिलीं. यहां बहुत सारे कुएं मिले हैं.

अभी संभल का माहौल है टेंशन भरा

बीते काफी दिनों से संभल का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. हाल में ही जब कोर्ट के आदेश पर एक टीम सर्वे करने पहुंची थी तो यहां हिंसा भड़क गई थी. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी. जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था. इसके बाद शीर्ष कोर्ट ने निचली अदालत से कोई भी एक्शन फिलहाल नहीं लेने को कहा था.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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