Republic Day: गणतंत्र दिवस आयोजन को लेकर रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त पहल प्रोजेक्ट वीर गाथा 5.0 को शानदार रिस्पॉन्स मिला है. इस प्रोजेक्ट के तहत इस साल लगभग 1.90 लाख स्कूलों के 1.92 करोड़ छात्रों ने हिस्सा लिया. वर्ष 2021 में शुरू की गयी पहल के बाद इसमें यह अब तक की सबसे भागीदारी है. इसमें राष्ट्रीय स्तर पर 100 विजेता चुने गए हैं. इनमें 25 प्रिपरेटरी स्टेज(कक्षा 3-5), 25 मिडिल स्टेज(कक्षा 6-8) से और 50 सेकेंडरी स्टेज(कक्षा 9-12) के हैं. वीर गाथा 5.0 में छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नये चीजों को जोड़ा गया था.
यह पहल 8 सितंबर 2025 को लांच किया गया और छात्रों को पहली बार देश के प्राचीन सैन्य परंपरा, रणनीति और ऐतिहासिक नायको को लेकर शॉर्ट वीडियो, एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्टोरीटेलिंग की सुविधा दी गयी. छात्रों को देश के प्रमुख योद्धाओं जैसे कलिंग के राजा खारवेल, पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी महाराज, 1857 क्रांति के योद्धा, आदिवासी विद्रोह के नायक और अन्य की सैन्य रणनीति को सामने लाने के लिए प्रेरित किया गया. विभिन्न विषयों को शामिल करने से आवेदन करने वालों की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ इसमें शामिल होने वाले छात्रों को देश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी समझने का मौका मिला.
खास बात है कि पहली बार दूसरे देशों में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्रों भी इसमें शामिल हुए. इस आयोजन में 18 देशों के 91 स्कूल के 28005 छात्रों ने भाग लिया. इससे जाहिर होता है कि भारत के योद्धाओं की कहानी अब दूसरे देशों में भी पहुंच रही है.
विजेताओं को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का मिलेगा मौका
वीर गाथा 5.0 के विजेताओं को रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय की ओर से सम्मानित किया जायेगा और हर विजेता को इनाम के तौर पर 10 हजार रुपये नकद और विशेष अतिथि के तौर पर गणतंत्र दिवस परेड देखने का मौका मिलेगा. राष्ट्रीय स्तर पर 100 विजेता के अलावा राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर 8 विजेता (हर श्रेणी से दो) और जिला स्तर पर 4 विजेता को राज्य, जिला स्तर प्राधिकारी चुनाव कर सम्मानित करेंगे. इस प्रोजेक्ट में स्कूलों ने अपने स्तर पर कई कार्यक्रम का आयोजन किया. माई गॉव पोर्टल के जरिए टॉप एंट्री भेजी गयी. राज्य और जिला स्तर पर मूल्यांकन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 4020 एंट्री भेजी गयी और टॉप 100 एंट्री को सुपर-100 विजेता के तौर पर चुना गया.
प्रोजेक्ट वीर गाथा वर्ष 2021 में भारत की आजादी के 75वें साल को मनाने के लिए आजादी का अमृत महोत्सव के तौर पर शुरू किया गया था. इस पहल का मकसद गैलेंट्री अवार्ड जीतने वालों की हिम्मत का जश्न मनाना और उनके बहादुरी भरे कामों और जिंदगी के सफर को दिखाना है. साथ ही इसका मकसद छात्रों में देशभक्ति और नागरिक के तौर पर कर्तव्य की भावना को जागृत करना है. शुरुआत में प्रोजेक्ट वीर गाथा के पहले दो चरण में राष्ट्रीय स्तर पर 25 विजेताओं का चयन होता था. पहले चरण में 8 लाख, दूसरे चरण में 19 लाख छात्र शामिल हुए. वहीं तीसरे चरण में 1.36 करोड़ और चौथे चरण में 1.76 करोड़ छात्रों ने शिरकत की. हर साल वीर गाथा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही है.

