रायगड़ा कॉल टू एक्शन 2026, ग्रामीण चर्चा से उभरा सामुदायिक विकास का नया संकल्प

Published by : Pritish Sahay Updated At : 27 Feb 2026 8:39 PM

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रायगड़ा कॉल टू एक्शन 2026

Raigarh Call To Action 2026: बिसम कटक में आयोजित ग्रामीण चर्चा 2026 का समापन ‘रायगड़ा कॉल टू एक्शन’ के साथ हुआ. कार्यक्रम का आयोजन ओडिशा श्रमजीवी मंच, महिला श्रमजीवी मंच और एनसीसीएम ने किया. खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समुदाय में एकजुटता बढ़ाई. यह पहल ओडिशा विजन 2036 और विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

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Raigarh Call To Action 2026: बिसम कटक में आयोजित ग्रामीण चर्चा 2026 का समापन एक मजबूत और साझा संकल्प- रायगड़ा कॉल टू एक्शन के साथ हुआ. इस कार्यक्रम का आयोजन ओडिशा श्रमजीवी मंच, महिला श्रमजीवी मंच और नेशनल कंसोर्टियम टू कॉम्बैट मालन्यूट्रिशन (एनसीसीएम) की ओर से किया गया. आयोजन में आत्मशक्ति ट्रस्ट, सोक्रेटस, कॉमन ग्राउंड और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी का सहयोग प्राप्त रहा. आयोजन का समापन खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसने समुदायों के बीच एकजुटता और आत्मविश्वास को और मजबूत किया. आयोजकों ने कहा कि रायगड़ा से उठी यह पहल ओडिशा विजन 2036 और विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

Raigarh call to action 2026

तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय मंच में सात राज्यों से आए 2,000 से अधिक आदिवासी नेता, महिलाएं, युवा और जमीनी कार्यकर्ता शामिल हुए. 50 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए. चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि विकास की दिशा अब ऊपर से तय नहीं होगी, बल्कि समुदाय स्वयं अपने विकास की अगुवाई करेंगे.

Raigarh call to action 2026

पैनल चर्चाओं और कार्यशालाओं में कृषि, स्थानीय उद्यम और सतत संसाधन प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया. करीब 3,000 गांवों और 1.27 लाख परिवारों के अनुभवों के आधार पर बेहतर भूमि उपयोग, दूसरी फसल, गांव स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की कुंजी बताया गया.

प्रतिभागियों ने सिंचाई की कमी, बाजार तक सीमित पहुंच, पलायन, पारंपरिक आजीविकाओं में गिरावट और पेयजल संकट जैसे मुद्दे उठाए. समाधान के तौर पर सौर सिंचाई, जल संरक्षण, स्थानीय प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और वन आधारित आजीविकाओं को बढ़ावा देने के सुझाव सामने आए.

बता दें कि सामुदायिक नेतृत्व में तैयार किया गया यह एक स्पष्ट रोडमैप है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना, स्थानीय पारिस्थितिकी की रक्षा करना और गांव स्तर पर शासन को मजबूत करना है. यह पहल विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप मानी जा रही है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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