'हम डरने वाले नहीं', राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने से गुस्से में कांग्रेस
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 24 Mar 2023 3:26 PM
जब लोग देश से अरबों रुपये लेकर भागे और राहुल गांधी ने उन पर टिप्पणी की तो उन्हीं को सजा दी जा रही है. भगोड़ों के खिलाफ सरकार चुप्पी साधे बैठी है. जानें क्या बोले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी को उनकी ‘मोदी सरनेम’ टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराये जाने की तारीख से लोकसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया है. इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया है. इसके बाद कांग्रेस गुस्से में है. कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया मामले पर लगातार प्रतिक्रिया आ रही है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि हम इस लड़ाई को कानूनी और राजनीतिक दोनों तरह से लड़ेंगे. हम डरने या चुप नहीं रहने वाले हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से जुड़े अडानी महामेगा स्कैम में जेपीसी के बजाय, राहुल गांधी को अयोग्य घोषित कर दिया गया हैं. यह भारतीय लोकतंत्र… ओम शांति…
इधर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी देश के सामने सच्चाई रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि मानहानि मामले में बड़ी जल्दीबाजी में फैसला लिया गया. यह इतना बड़ा मामला नहीं था, जिसमें इतनी तत्परता दिखाने का काम किया गया. जब लोग देश से अरबों रुपये लेकर भागे और राहुल गांधी ने उन पर टिप्पणी की तो उन्हीं को सजा दी जा रही है. भगोड़ों के खिलाफ सरकार चुप्पी साधे बैठी है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि ये किसी समाज के संबंध में नहीं है जो लोग पैसे लेकर भागे, जैसे ललित मोदी, नीरव मोदी और विजय माल्या वे क्या पिछड़े समाज से थे? ये लोग ऐसी अनुभूति बना रहे हैं कि राहुल गांधी ने पिछड़े समाज के बारे में बोला है.
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि जब राहुल गांधी ने अदाणी पर प्रधानमंत्री से सवाल पूछे थे उसी समय से इन्होंने इस प्रकार साजिश राहुल गांधी की आवाज को दबाने के लिए शुरू कर दी थी. मोदी सरकार के मंत्रियों ने कई बार राहुल गांधी के खिलाफ गलत आरोप लगाए. लोकसाभ में राहुल गांधी को बोलने का और अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया. ये साफ-साफ भाजपा सरकार के लोकतंत्र विरोधी और तानाशाह वाले मनोभाव को दर्शाता है.
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने कुछ गलत नहीं कहा है. ये सरकार भगोड़ों को पकड़कर लाने में असमर्थ नजर आ रही है. इस सरकार में लोग पैसे लेकर देश से भाग रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर मोदी जी का मन साफ होता और हिंडनबर्ग रिपोर्ट में अदाणी के घपले नहीं होते तो क्या कोई प्रधानमंत्री इस बात पर चर्चा करने से पीछे हटता. राजीव गांधी पर भी आरोप लगा था लेकिन वे बेदाग निकले. 7 बार लोकसभा में JPC हो चुकी है, फिर ये क्यों डरते हैं?
कांग्रेस ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि राहुल गांधी जी की लोकसभा सदस्यता ख़त्म कर दी गयी. वह आपके और इस देश के लिए लगातार सड़क से संसद तक लड़ रहे हैं, लोकतंत्र को बचाने की हर सम्भव कोशिश कर रहे हैं. हर षड्यंत्र के बावजूद वह यह लड़ाई हर क़ीमत पर जारी रखेंगे और इस मामले में न्यायसंगत कार्यवाही करेंगे. लड़ाई जारी है….
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि गांधी देश की आवाज हैं जो इस तानाशाही के खिलाफ अब और मजबूत होगी. गहलोत ने ट्वीट किया कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म करना तानाशाही का एक और उदाहरण है. भाजपा ये ना भूले कि यही तरीका उन्होंने श्रीमती इन्दिरा गांधी के खिलाफ भी अपनाया था और मुंह की खानी पड़ी.राहुल गांधी देश की आवाज हैं जो इस तानाशाही के खिलाफ अब और मजबूत होगी.
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करना मोदी सरकार की प्रतिशोध की नीति का उदाहरण है. भारत जोड़ो यात्रा से राहुल गांधी की लोकप्रियता बहुत बढ़ी है और मोदी सरकार को यही हजम नहीं हो रहा. उन्हें लग रहा है कि राहुल गांधी का मुंह बंद करना होगा क्योंकि अगर उन्हें बोलने दिया गया तो BJP सरकार से बाहर हो जाएगी.
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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