ePaper

Qutub Minar case: कुतुब मीनार को अपना बताने वाले कुंवर महेंद्रध्वज को कोर्ट से झटका, याचिका खारिज

Updated at : 20 Sep 2022 7:23 PM (IST)
विज्ञापन
Qutub Minar case: कुतुब मीनार को अपना बताने वाले कुंवर महेंद्रध्वज को कोर्ट से झटका, याचिका खारिज

याचिकाकर्ता कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह ने दावा किया था कि वह संयुक्त प्रांत, आगरा के उत्तराधिकारी हैं और दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में, कई संपत्ति के मालिक हैं. उन्होंने कहा कि उनके पास जिन संपत्तियों का स्वामित्व है, उसमें कुतुब मीनार शामिल है.

विज्ञापन

कुतुब मीनार को अपना बताने वाले याचिकाकर्ता कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह को दिल्ली के साकेत कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह द्वारा दायर हस्तक्षेप याचिका को खारिज कर दिया.

कुतुब मीनार के अंदर कथित मंदिर के जीर्णाद्धार की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 19 अक्टूबर को

कुतुब मीनार संपत्ति के अंदर कथित मंदिर परिसर में भगवान की प्रतिमाओं की पुनर्स्थापना की मांग वाली याचिका पर साकेत कोर्ट 19 अक्टूबर में सुनवाई होगी.

Also Read: ‘ताजमहल और कुतुब मीनार हिंदुओं को सौंपे मोदी सरकार’, कांग्रेस नेता ने कह दी ये बड़ी बात

कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह ने कुतुब मीनार पर किया था दावा

याचिकाकर्ता कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह ने दावा किया था कि वह संयुक्त प्रांत, आगरा के उत्तराधिकारी हैं और दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में, कई संपत्ति के मालिक हैं. उन्होंने कहा कि उनके पास जिन संपत्तियों का स्वामित्व है, उसमें कुतुब मीनार शामिल है.

कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह के वकील ने कोर्ट में दी थी ऐसी दलील

कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह के वकील एम एल शर्मा ने दावा किया कि याचिकाकर्ता 16वीं शताब्दी से इस क्षेत्र पर शासन करने वाले संयुक्त प्रांत, आगरा के तत्कालीन शासक का उत्तराधिकारी है. उन्होंने कहा कि गंगा और यमुना नदियों के बीच के क्षेत्र पर शासक परिवार का स्वामित्व है. शर्मा ने आरोप लगाया था कि सरकार ने इस समूचे क्षेत्र का अतिक्रमण किया है. वकील ने दावा किया था कि बिना किसी विलय, संधि या विलय दस्तावेज अथवा मुआवजे का भुगतान किए बिना सरकार ने हस्तक्षेप याचिका दायर करने वाले की जमीन पर कब्जा कर लिया और उस पर सरकार की ओर से करोड़ों लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है.

एएसआ ने कोर्ट में कहा, सिंह का मामले में कोई अधिकार नहीं

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने इस मामले में कहा था कि सिंह का मामले में कोई अधिकार नहीं था और स्वामित्व का दावा देरी और लापरवाही के सिद्धांत से व्यपगत हो गया है. सिद्धांत कहता है कि अदालतें उन लोगों की मदद नहीं करेंगी जो अपने अधिकारों पर दावा नहीं करते हैं.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola