ePaper

आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता संस्कृति आत्मनिर्भर भारत के लिए मजबूत पहल

Updated at : 27 Sep 2025 4:35 PM (IST)
विज्ञापन
Quality Concept Convention

19वां क्वालिटी कॉन्सेप्ट अधिवेशन

Quality Concept Convention: जयपुर में शनिवार को 19वां क्वालिटी कॉन्सेप्ट अधिवेशन समाप्त हुआ. दो दिवसीय अधिवेशन में देश की 20 से अधिक प्रमुख कंपनियों से आए 51 दलों और 250 संभागी शामिल हुए. उन्होंने अपनी प्रस्तुति भी दी. दो दिवसीय अधिवेशन का आयोजन क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) के जयपुर सब चैप्टर की ओर से मणिपाल यूनिवर्सिटी में किया गया था.

विज्ञापन

Quality Concept Convention: दो दिवसिय कार्यक्रम में सिक्स सिग्मा , केजेन , शेनींन , क्वालिटी सर्कल , लिन क्वालिटी सर्कल, लिन सर्कल गणितीय पद्दतीयों के माध्यम से किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह था कि विभिन्न संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी अपने कार्यस्थल की समस्याओं की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित पद्धति से हल करने की क्षमता विकसित करें. इस वर्ष का थीम आत्मनिर्भर विकसित भारत रखा गया था.

गुणवत्ता संस्कृति को अपनाना आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : नरेंद्र कुमार जैन

समापन सत्र में मुख्य अतिथि श्री नरेंद्र कुमार जैन ने कहा- “गुणवत्ता संस्कृति को अपनाना ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है. अतिथियो ने विचार साझा करते हुए कहा- जब कर्मचारी स्वयं समस्याओं की पहचान कर उन्हें वैज्ञानिक पद्धति से हल करने की ओर अग्रसर होते हैं, तब न केवल संस्थान की उत्पादकता बढ़ती है, बल्कि देश की औद्योगिक प्रगति में भी सीधा योगदान होता है. श्री जैन साहब ने यह भी कहा कि एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान भी गुणवत्ता कि इस यात्रा में निरंतर सहयोग करती रहेगी. कार्यक्रम का सफल संचालन यूनिवर्सिटी की डॉ प्रभात दीक्षित ने किया. अधिवेशन के प्रारंभ में यूनिवर्सिटी की छात्रा द्वारा गणेश वंदना और भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी गई. समापन समारोह के अध्यक्ष एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान एवं विशिष्ट अतिथि श्री निशांत सिंह, प्लांट हेड – आशीर्वाद पाइप्स रहे.

19th-Quality-Concept-Convention
19वां क्वालिटी कॉन्सेप्ट अधिवेशन में शामिल लोग

उद्योग और शिक्षा जगत एक साथ खड़ा है यह बहुत खास है: डॉ नीति निपुण शर्मा

अधिवेशन का शुभारंभ प्रोफेसर डॉ नीति निपुण शर्मा, अध्यक्ष , मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर ने किया. उन्होंने कहा था, “आज का यह अवसर इस मायने में खास है कि उद्योग और शिक्षा जगत एक साथ खड़ा है. दोनों मिलकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि कैसे हम सम्पूर्ण गुणवत्ता को दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकें.” इस मौके पर उन्होंने सुझाव दिया कि हमारे परिसर में ही राष्ट्रीय अधिवेशन किया जाए.”

यह सुनिश्चित किया जाए कि भारतीय विद्यार्थियों को अमेरिका-यूरोप का मुंह ताकना न पड़े : डॉ नरेंद्र कुमार शर्मा

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ नरेंद्र कुमार शर्मा (चेयरमैन, राजसमंद चैप्टर) ने कहा- “यूनिवर्सिटी यह सुनिश्चित करे कि भविष्य मे हावर्ड बिजनस स्कूल , एम आई टी , स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे उच्च संस्थान भारत में तैयार हों और भारतीय विद्यार्थियों को अमेरिका और यूरोप का मुंह नहीं ताकना पड़े.

तकनीकी शिक्षा संस्थान और उद्योग मिलकर इंडस्ट्री 4.0 और 5.0 पर काम कर सकते हैं : अनिल कुमार शर्मा

अनिल कुमार शर्मा (कॉर्पोरेट क्वालिटी हेड, बीके टायर्स) ने कहा- “ऐसे तकनीकी शिक्षा संस्थान और उद्योग मिलकर इंडस्ट्री 4.0 और 5.0 पर बहुत काम कर सकते हैं. बी के टायर भविष्य में संस्थान को एक बार फिर से विजिट करेगी.

मनोज मेश्राम ने अधिवेशन के बारे में पूरी जानकारी दी

मनोज मेश्राम (चेयरमैन, जयपुर चैप्टर) ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए, अधिवेशन के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी. उन्होंने यूनिवर्सिटी का और यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया. डॉ रमेश मित्तल, उपाध्यक्ष , वाइस चेयरमैन जयपुर चैप्टर एवं सचिव डॉ अनिल कुमार शर्मा ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखे.

अधिवेशन में इन संस्थानों ने लिया हिस्सा

अधिवेशन में भाग लेने वाले प्रमुख संस्थानों में नैशनल बेयरिंग कंपनी – जयपुर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड – गाजियाबाद, अशोक लीलैंड, टाटा पावर, श्रीराम पिस्टन एंड रिंग्स – गाजियाबाद, सिक्योर मीटर्स – उदयपुर, बालकृष्ण इंडस्ट्रीज – भिवाड़ी, जेके लक्ष्मी सीमेंट – झज्जर, जीनस पावर – जयपुर, आशीर्वाद पाइप्स, फिनेस्टा बिल्डिंग सिस्टम्स, प्रिसटीन टेक्नोलॉजी, अदानी पोर्ट – जयपुर, स्पार्क लाइन इंडस्ट्रीज, सियाक एसकेएच, संधार, कोर्ट लाँड इंटरनेशनल, एनएलसी इंडिया लिमिटेड – बीकानेर, राजस्थान सन टेक्नोलॉजी एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड शामिल थीं.

एक ही समय पर 51 केस स्टडी प्रस्तुत की गईं

चैप्टर के मुख्य मूल्यांकनकर्ता डॉ राजेश सोलंकी ने बताया कि अधिवेशन के दौरान 6 समानांतर कक्षों में एक ही समय पर 51 केस स्टडी प्रस्तुत की गईं. इन प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया गया. जिनमें डॉ अनिल मेहता, डॉ अशोक शर्मा, विकास पारीक, डॉ मुरारीलाल गुप्ता, जी प्रकाश मोहता, विनोद मित्तल, संदीप शर्मा, आशुतोष पांडे, हरीश पारीक, मनीष शर्मा, उमेश पठनीय एवं सुरेश जाजू शामिल थे. इस अधिवेशन के सफल संचालन में प्रो रमेश मित्तल, डॉ विनोद यादव, अरुण कुमार गोयल, विनीत रॉय एवं कर्नल रवींद्र गुसाई सहित कई विशेषज्ञों का विशेष योगदान रहा.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola