1959 को हुआ था पंचायती राज व्यवस्था का शुभारम्भ, प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने डाली थी नींव

Updated at : 23 Apr 2020 1:24 AM (IST)
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1959 को हुआ था पंचायती राज व्यवस्था का शुभारम्भ, प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने डाली थी नींव

पंचायती राज में गांव के स्तर पर ग्राम सभा, ब्लॉक स्तर पर मंडल परिषद और जिला स्तर पर जिला परिषद होता है. इन संस्थानों के लिए सदस्यों का चुनाव होता है जो जमीनी स्तर पर शासन की बागडोर संभालते हैं.

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पूरे देश को चलाने में सिर्फ केंद्र सरकार या सिर्फ राज्य सरकार सक्षम नहीं हो सकती है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर भी प्रशासनिक व्यवस्थ जरूरी है. दरअसल, कई प्रदेशों में जनसंख्या और क्षेत्रफल अधिक होने के कारण प्रदेश के सबसे ऊंचे पर पर बैठा व्यक्ति ग्रामीण इलाकों के लोगों की समस्याओं से अवगत नहीं हो पाता. ऐसे में यह तय किया गया कि देश में लोकतंत्र की जड़ों को पेड़ की जड़ों की तरह फैलाया जाये. इस काम के लिए बलवंत राय मेहता की अध्यक्षता में 1957 में एक समिति का गठन किया गया था. समिति ने अपनी सिफारिस में जनतांत्रिक विकेंद्रीकरण की सिफारिश की जिसे पंचायती राज कहा गया है. पंचायती राज में गांव के स्तर पर ग्राम सभा, ब्लॉक स्तर पर मंडल परिषद और जिला स्तर पर जिला परिषद होता है. इन संस्थानों के लिए सदस्यों का चुनाव होता है जो जमीनी स्तर पर शासन की बागडोर संभालते हैं.

संविधान का 73 वां संशोधन अधिनियम 1992

1992 को संविधान में 73वां संशोधन कर पहली बार पंचायती राज संस्थान की पेशकश की गई. इसके तहत स्थानीय निकायों को शक्तियां दी गईं. पंचायतीराज के तहत गांव, इंटरमीडिएट और जिलास्तर पर पंचायतें संस्थागत बनाई गई हैं. राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस जमीनी स्तर से राजनीतिक शक्ति के विकेंद्रीकरण के इतिहास को बताता है. उनकी आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की शक्ति को दर्शाता है. राजस्थान देश का पहला राज्य बना जहां पंचायती राज व्यवस्था लागू किया गया. इस योजना का शुभारम्भ तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने नागौर जिले में 2 अक्टूबर 1959 को किया था. जबकि, पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2010 में मनाया गया था.

पंचायती राज दिवस मनाने का कारण

भारत में पंचायती राज व्यवस्था की देखरेख के लिए 27 मई 2004 को पंचायती राज मंत्रालय को एक अलग मंत्रालय बनाया गया. भारत में हर साल 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का कारण 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 है जो 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ था.

पंचायती राज दिवस के अवसर पर पीएम मोदी करेंगे पंचायतों को संबोधित

पंचायती राज दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर की पंचायतों को संबोधित करेंगे. लॉकडॉउन के चलते पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश भर की ग्राम पंचायतों से सीधे रूबरू होंगे. प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर एकीकृत ग्रामसराज पोर्टल और मोबाइल ऐप की शुरुआत भी करेंगे और उसे किसानों को समर्पित करेंगे. साथ ही देश भर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले ग्राम पंचायतों, राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को पुरस्कृत भी किया जाएगा.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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