Power Crisis: कोयले की किल्लत से गहराया बिजली संकट, ट्रेनें कैंसिल, कांग्रेस ने उठाये सवाल

Nagpur: A worker unloads coal from a coal-laden goods train, at a railway station in Nagpur, Friday, April 29, 2022. The country is facing a brutal spell of heatwave, which has caused an increase in power consumption leading to a coal shortage. (PTI Photo)(PTI04_29_2022_000236B)
Coal Crisis, Power Crisis: बिजलीघरों तक कोयला पहुंचाने के लिए रेलवे एक्शन में आ गया है. उसने 24 मई तक यात्री ट्रेनों के 670 फेरे रद्द किये जाने की अधिसूचना जारी की है. इनमें लंबी दूरी की मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के 500 से अधिक फेरे शामिल हैं.
देश के कई हिस्सों में गर्मी बढ़ने के साथ ही साथ बिजली संकट भी बढ़ता नजर आ रहा है. भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है, लेकिन कोयला संकट की वजह से कई राज्यों को बिजली कटौती की जा रही है. पूरे उत्तर भारत और दक्षिण भारत के भी कई हिस्सों में एक तरफ गर्मी चरम पर है, तो दूसरी तरफ देश गहरे बिजली संकट से जूझ रहा है. उत्तर भारत में पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है.
झुलसाती गर्मी का ही नतीजा है कि देश में पहली बार बिजली की मांग रिकॉर्ड 204 गीगावॉट के पार चली गयी है. पिछले साल इसी समय यह मांग 182.5 गीगावॉट रही थी. लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने में बिजलीघर अक्षम साबित हो रहे हैं. देश के 173 तापीय बिजलीघरों में से 106 में कोयले की भारी कमी है. उनके पास तय स्टॉक का 25 प्रतिशत कोयला ही है. घरेलू कोयले का उपयोग करने वाले 150 तापीय बिजलीघरों में से 86 में कोयले की कमी की स्थिति गंभीर है. देश में बिजली की कुल कमी 62.3 करोड़ यूनिट तक पहुंच गयी है.
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने दावा किया कि रेलवे मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय के बीच तालमेल के अभाव से कोयले की कमी हुई है. इस बीच, बिजलीघरों तक कोयला पहुंचाने के लिए रेलवे एक्शन में आ गया है. उसने 24 मई तक यात्री ट्रेनों के 670 फेरे रद्द किये जाने की अधिसूचना जारी की है. इनमें लंबी दूरी की मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के 500 से अधिक फेरे शामिल हैं. इन ट्रेनों के रद्द होने से कोयला लदी मालगाड़ियों (रेक) की संख्या बढ़ायी जा सकेगी. अभी रोजाना 400 से ज्यादा कोयला रेक का संचालन रेलवे कर रहा है.
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बढ़ती मांग के बीच सरकारी कंपनी कोल इंडिया का उत्पादन अप्रैल में 27 प्रतिशत बढ़ा है. उसने 28 दिनों में 4.96 करोड़ टन कोयला उत्पादन किया, जिसके महीने के अंत में 5.3 करोड़ टन पहुंचने की उम्मीद है. बीते कुछ सालों में यह अप्रैल का सर्वश्रेष्ठ उत्पादन होगा.
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बिजली संकट को लेकर प्रधानमंत्री से कई सवाल पूछे हैं. उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री जवाब दें कि देश में 72,074 मेगावाट क्षमता के बिजली संयंत्र कोयले के अभाव में बंद क्यों हैं? बिजलीघरों में कोयले की मांग रोज 22 लाख टन है, तो आपूर्ति 16 लाख टन ही क्यों है? उन्होंने कहा कि देश में कोयला है, लेकिन सरकार उसे बिजली संयंत्रों तक पहुंचा नहीं पा रही है.
-बिजलीघरों में कोयले का भंडार नौ वर्षों में सबसे कम
-यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी
-सप्लाई चेन बाधित होने से कोयले के आयात में गिरावट
-कोयले की कमी से जूझ रहे बिजलीघर, रेलवे एक्शन में
-तेज गर्मी के बीच 62.3 करोड़ यूनिट बिजली की कमी
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By Prabhat Khabar News Desk
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