Video: पीएम मोदी ने शेयर किया 30 सेकेंड का वीडियो संदेश, देशवासियों से की खास अपील

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पीएम मोदी ने शेयर किया 30 सेकेंड का वीडियो संदेश, फोटो एक्स

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों में देशभक्ति का अलख जगाने के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक खास वीडियो संदेश जारी किया है. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए 30 सेकेंड के इस लेटेस्ट वीडियो के जरिए पीएम मोदी ने 'हर घर तिरंगा' अभियान को लेकर एक अपील की है.

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अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, "आइये 15 अगस्त को आन-बान-शान के साथ मनाएं. हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दें और विकसित भारत का संकल्प लें." अभियान के मुख्य मंत्र को दोहराते हुए उन्होंने आगे कहा, "हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा, हर मन तिरंगा. आइये, हर घर पर तिरंगा लहराइये."


गृह मंत्रालय ने दिया ध्वज संहिता का पालन करने का निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ध्वज संहिता का पालन करने का निर्देश दिया. मंत्रालय ने कहा कि हालांकि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों के दौरान आम लोग कागज से बने झंडे लहरा सकते हैं, लेकिन कार्यक्रमों के बाद उन्हें फेंका या जमीन पर नहीं डाला जाना चाहिए. मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि वे इस संबंध में बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम चलाएं और इलेक्ट्रॉनिक तथा प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों के जरिए इनका व्यापक प्रचार-प्रसार करें.

गृह मंत्री अमित शाह ने तिरंगा फहराते हुए अपनी सेल्फी साझा करने की अपील की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकों से तिरंगा यात्राओं, तिरंगा रैलियों और 'वंदे मातरम' के सामूहिक गायन के माध्यम से इस अभियान में भाग लेने और इसे मनाने तथा हर घर तिरंगा की आधिकारिक वेबसाइट पर तिरंगा फहराते हुए अपनी सेल्फी साझा करने की अपील की.

"प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान हमारे राष्ट्र की सामूहिक ताकत का प्रतिबिंब है, जो हमें एक 'विकसित भारत' के निर्माण के हमारे प्रयास में एकजुट करता है. इस वर्ष 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ का अवसर इस अभियान के साथ मिलकर हर देशभक्त के लिए इस पल को और भी भावुक और खास बना देता है." - अमित शाह

कैसा होना चाहिए राष्ट्रीय ध्वज?

गृह मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता और बुना हुआ या मशीन से बना होना चाहिए, और इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री सूती, पॉलिएस्टर, ऊन, रेशम या खादी की होनी चाहिए.

ध्वज संहिता क्या है?

ध्वज संहिता में कहा गया, “कोई भी आम नागरिक, निजी संस्था या शिक्षण संस्थान राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए, किसी भी दिन या अवसर पर-चाहे वह औपचारिक हो या कोई अन्य-राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है या प्रदर्शित कर सकता है. 19 जुलाई, 2022 के आदेश के जरिए ‘भारतीय झंडा संहिता, 2002’ में संशोधन किया गया था... यदि तिरंगा खुले स्थान पर या किसी आम नागरिक के घर पर प्रदर्शित किया जाता है तो उसे दिन-रात फहराया जा सकता है.” इसमें स्पष्ट किया गया कि जब कभी राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए तो उसकी स्थिति सम्मानजनक होनी चाहिए, और फटा हुआ एवं मैला-कुचैला झंडा प्रदर्शित न किया जाए.

झंडे को किसी झंडों के साथ एक ही ध्वज दंड से नहीं फहराया जाना चाहिए

झंडे को किसी अन्य झंडे अथवा झंडों के साथ एक ही ध्वज दंड से नहीं फहराया जाए. इसमें कहा गया, “संहिता के भाग-3 की धारा-9 में उल्लखित गणमान्य व्यक्तियों जैसे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल आदि, के सिवाय झंडे को किसी वाहन पर नहीं लगाया जाएगा. किसी दूसरे झंडे या पताका को राष्ट्रीय झंडे से ऊंचाई पर या उससे ऊपर या उसके बराबर में नहीं लगाना चाहिए.”

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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