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Patanjali Advertisement Case: उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

Updated at : 30 Apr 2024 1:21 PM (IST)
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Patanjali Advertisement Case: उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

Baba Ramdev/ File Photo

Patanjali Advertisement Case: योग गुरु रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) बालकृष्ण आज फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. भ्रामक विज्ञापन मामले की सुनवाई पर सबकी नजर बनी हुई है.

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Patanjali Advertisement Case: सुप्रीम कोर्ट में पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन मामले की सुनवाई आज हुई. सुनवाई के दौरान बाबा रामदेव और बालकृष्ण कोर्ट भी मौजूद थे. सुप्रीम कोर्ट ने योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के वकील से प्रत्येक अखबार के मूल पृष्ठ को रिकॉर्ड में दाखिल करने को कहा है जिसमें सार्वजनिक माफी जारी की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख के लिए योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई न करने के लिए उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को फटकार लगायी.

इससे पहले 23 अप्रैल को मामले की सुनवाई हुई जिसमें योग गुरु रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) बालकृष्ण ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनकी ओर से भ्रामक विज्ञापन मामले में हुई गलतियों के लिए समाचार पत्रों में बिना शर्त माफी प्रकाशित करने का काम किया जा चुका है.

उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

कोर्ट ने उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण से कहा कि यदि आप सहानुभूति चाहते हैं तो अदालत के प्रति ईमानदार रहें. शीर्ष कोर्ट ने उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण से पूछा कि हमारी मुख्य चिंता यह है कि क्या आपने कानून के अनुसार कार्रवाई की. उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा दिए स्पष्टीकरण पर कोर्ट ने असंतोष जताया और कहा कि ऐसा लगता है कि उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने 10 अप्रैल के उसके आदेश के बाद ही कार्रवाई की.

बाबा रामदेव ने नहीं दिया मीडिया के सवालों का जवाब

सुनवाई के बाद योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद के सीएमडी आचार्य बालकृष्ण सुप्रीम कोर्ट से जब बाहर निकले तो मीडिया के लोगों ने उनसे कुछ सवाल किया, लेकिन रामदेव ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया. रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के कोर्ट से बाहर निकलने का वीडियो सामने आया है जिसे न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है.

क्या हुआ था पिछली सुनवाई के दौरान

पिछली सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने रामदेव और बालकृष्ण के वकील से समाचार पत्रों में प्रकाशित माफीनामे को दो दिनों के भीतर रिकॉर्ड में पेश करने का आदेश दिया था. वहीं, रामदेव और बालकृष्ण की ओर से पेश वकील ने पीठ को जानकारी दी थी कि वे अपनी गलतियों के लिए बिना शर्त माफी मांगते हुए अतिरिक्त विज्ञापन भी जारी करने का काम जल्द करेंगे. इसके बाद पीठ ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 30 अप्रैल यानी आज की तारीख तय की.

क्या है पूरा मामला

यहां चर्चा कर दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण को 16 अप्रैल को हिदायत दी थी. कोर्ट ने कहा था कि वे एलोपैथी को नीचा दिखाने का कोई प्रयास नहीं करें. कोर्ट की ओर से उन्हें पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के भ्रामक विज्ञापन के मामले में एक सप्ताह के अंदर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और पछतावा प्रकट करने की अनुमति प्रदान की थी. शीर्ष अदालत 2022 में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है. इसमें कोविड वैक्सीन और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के खिलाफ एक दुष्प्रचार अभियान चलाने का आरोप लगाया गया है.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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